साइबर अपराधी ने सेना का अफसर बन डॉक्टर के खाते से 2.99 लाख उड़ाये
रांची, 29 जून (हि.स.)। साइबर अपराधियों ने सेना का अफसर बनकर डॉक्टर हुमायूं के खाते से 2.99 लाख रुपये उड़ा लिया। खाते से पैसा निकालने के बाद दूसरे दिन सुबह साइबर अपराधियों ने पैसा वापस करने का फर्जी मैसेज भेजा। फोन कर अपनी गलती के लिए माफी मांगी। डॉक्टर हुमायूं अहमद ने वेबसाइट पर अपना फ्लैट किराये पर देने का विज्ञापन दिया। विज्ञापन के आधार पर आशीष कुमार पहाड़ी नाम के व्यक्ति ने उनका फ्लैट किराये पर लेने की इच्छा जतायी। खुद को सेना का अधिकारी बताया। अपनी बात को सही साबित करने के लिए उसने अपने नाम का आधार, पैन और सेना का पहचान पत्र सहित अन्य दस्तावेज डॉक्टर के वाट्सएप पर भेजा।
उन्हें अपने विश्वास में लेने के बाद उसने मकान किराया में लेने के लिए सेना के उच्चाधिकारियों से अनुमति के लिए डॉक्टर और उनकी पत्नी का आधार कार्ड मांगा। किराये के भुगतान के लिए बैंक खाते का ब्योरा मांगा। इसके बाद बैंक का फर्जी एप्लिकेशन भेज कर उसे डाउनलोड करने को कहा ताकि अग्रिम का भुगतान किया जा सके। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान साइबर अपराधियों ने 9232766139, 8769677293, 8375075847 और 7357940260 फोन नंबरों का इस्तेमाल किया।
साइबर अपराधियों के झांसे में आकर डॉक्टर ने आधार, बैंक का ब्योर दे दिया। साथ ही साइबर अपराधियों की ओर से भेजे गये बैंक के फर्जी बैक एप्लिकेशन को डाउनलोड कर लिया। इसके बाद देर रात उनके खाते से 2.99 लाख रुपये की निकासी का मैसेज आया। पैसा निकालने के बाद सुबह साइबर अपराधी ने फिर फोन किया और अपनी गलती मानी।
डॉक्टर को अच्छा आदमी बताते हुए उनका पैसा वापस करने का वायदा किया। थोड़ी देर बाद उनके स्टेट बैंक खाते में पैसा वापस करने का मैसेज आया। मैसेज भेजने के बाद साइबर अपराधी ने फिर फोन कर यह कहा कि जिस खाते से पैसा निकाला था, उस खाते में पैसा जमा नहीं हो रहा था। इसलिए उसने उनके दूसरे खाते में पैसा वापस कर दिया है। जांच में पैसा वापस करने का मैसेज फर्जी पाया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

