इमरजेंसी में सीपीआर बचा सकता है व्यक्ति की जान : डीसी
रामगढ़, 13 अप्रैल (हि.स.)। डीसी फैज अक अहमद मुमताज की ओर से चलाए गए अभियान में अब तक झारखंड में 2.5 लाख से अधिक लोग सीपीआर का प्रशिक्षण ले चुके हैं। सोमवार को रामगढ़ शहर के गुरु नानक पब्लिक स्कूल में सीपीआर और फर्स्ट एड प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन डीसी ने किया।
इस मौके पर डीसी ने कहा कि आपात स्थिति में प्रारंभिक कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। दुुुुुर्घटना में और हार्ट अटैक में मरीज की जान तभी बच पाती है, जब शुरूआती चंद पलों में उन्हें प्राथमिक उपचार और सीपीआर दे दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य हर नागरिक को इस प्रकार प्रशिक्षित करना है कि जरूरत पड़ने पर वह एक आपदा मित्र के रूप में उपस्थित हो सके।
वहीं डीडीसी आशीष अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों में आत्मविश्वास भी विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील किया कि वे सीखे गए कौशल को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
उल्लेखनीय है कि डीसी फैैज अक अहमद मुमताज के निर्देश पर रामगढ़ जिले में व्यापक प्रशिक्षण अभियान चला। इस दौरान 2 लाख आपका मित्र तैयार किए गए। सभी को प्राथमिक उपचार एवं सीपीआर का प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिससे जिले के प्रत्येक घर में एक “आपदा मित्र” तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने स्कूली छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को प्राथमिक उपचार की मूलभूत तकनीकों, सीपीआर देने की सही प्रक्रिया, दुर्घटना की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया एवं जीवनरक्षक उपायों की व्यवहारिक जानकारी दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

