भाकपा माओवादी के स्पेशल एरिया कमेटी मेंबर अजय महतो उर्फ टाइगर गिरफ्तार, दर्ज थे 240 मामले

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भाकपा माओवादी के स्पेशल एरिया कमेटी मेंबर अजय महतो उर्फ टाइगर गिरफ्तार, दर्ज थे 240 मामले


गिरिडीह , 18 जुलाई (हि.स.)। प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के स्पेशल एरिया कमेटी मेंबर अजय महतो उर्फ टाइगर को गिरफ्तार करने के लिए झारखंड की पुलिस पिछले डेढ़ से दो दशक से परेशान थी। टाइगर जंगल के साथ-साथ शहर में भी आता था और घटनाओं को अंजाम देकर भाग जाता था। इस बार भी अजय महतो पारस के तराई वाले जंगल में आया था। खुखरा थाना इलाके के हरलाडीह जंगल में उसके आने की सूचना मिलते ही गिरिडीह एसपी डॉक्टर बिमल कुमार ने पूरे मामले से पुलिस महानिदेशक को अवगत कराया। इसके बाद सटीक रणनीति बनाई गई और फिर अजय को जंगल में ही दबोच लिया गया।

गिरफ्तारी के बाद शनिवार की शाम को अजय महतो को मीडिया के सामने लाया गया और पूरी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी एसपी ने दी।

एसपी ने बताया कि महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक के जरिये नक्सलियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई किए जाने के निर्देश के बाद से ही पारसनाथ जोन में नियमित रूप से नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान गिरिडीह जिला पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा-सी0 209 बटालियन ने एक संयुक्त उग्रवाद विरोधी अभियान में प्रतिबंधित नक्सली संगठन (भाकपा माओवादी) के 25 लाख रुपये के ईनामी स्पेशल एरिया कमेटी (एसएसी) के शीर्ष कमांडर अजय महतो उर्फ मोछु उर्फ टाईगर को गिरफ्तार किया है।

इसके विरुद्ध झारखंड के विभिन्न जिलों में हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमला और सरकारी संपत्तियों को नष्ट करने से संबंधित कुल 240 से अधिक मामले दर्ज हैं। बताया गया कि दिनांक 17 जुलाई को गिरिडीह पुलिस को खुखरा थाना क्षेत्र के हरलाडीह ओपी के जंगली इलाकों में नक्सलियों की संदिग्ध गतिविधि की सटीक गुप्त सूचना मिली थी।

इस सूचना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) एवं पुलिस महानिरीक्षक (केरिपुबल) झारखण्ड के मार्गदर्शन में एसपी गिरिडीह एवं सौरभ भटनागर (कमांडेंट, कोबरा-सी0 209 बटालियन) ने संयुक्त रूप से एक विशेष नक्सल विरोधी ऑपरेशन प्लान तैयार किया। छापेमारी दल का फील्ड नेतृत्व गिरिडीह पुलिस के एएसपी (अभियान) सुरजीत कुमार और कोबरा सी0-209 बटालियन के कंपनी कमांडर आकिफ अहमद बानी ने किया।

सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर हरलाडीह के ग्राम पिपराडीह (टोला-खवासटांड) के घने जंगली क्षेत्र को चारों तरफ से घेर लिया और भागने की कोशिश कर रहे अजय महतो को गिरफ्तार कर लिया।

एसपी ने बताया कि अजय महतो उर्फ मोछु उर्फ अंजन दा उर्फ टाइगर उर्फ बुधराम उर्फ श्रीकांत उर्फ बासुदेव के ऊपर 25 लाख का इनाम था। एसपी ने बताया कि नक्सली अजय महतो वर्ष 2005 के आसपास से नक्सल गतिविधियों में संलिप्त था। शुरूआत के दिनों में इन्हें दस्ता सदस्य बनाकर रखा गया और धीरे-धीरे संगठन को मजबूत करने के लिए लेवी वसूलने, पुलिस के साथ मुठभेड़ कर ज्यादा से ज्यादा हथियार, गोला, बारूद जमा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद नक्सल संगठन के अन्य दस्ता के संपर्क में आकर झुमरा पहाड़, लुगु पहाड़, सारण्डा जोन के घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में हाईड आउट बनाकर मुख्य नक्सल घटनाओं को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके साथ ही इनका प्रभाव भी नक्सल संगठन में काफी बढ़ने लगा।

पूर्व में पारसनाथ क्षेत्र में एरिया कमांडर की भूमिका में भी सक्रिय रहा है। इसके जरिये जघन्य हत्या और लेवी (रंगदारी) न देने के कारण एक आम नागरिक की हत्या कर शव को बीच चौराहे पर फेंकना, पुलिस मुखबिरी के शक में एक पति-पत्नी की गला रेतकर निर्मम हत्या करना, सुरक्षा बलों पर हमला कर कई जवानों की हत्या और कई जवानों को घायल करना, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना, सड़क निर्माण में लगे वाहनों को जलाना और क्षतिग्रस्त करना एवं आर्थिक व बुनियादी ढांचे को आईडी विस्फोट में उड़ाने की कई जघन्य नक्सल घटनाओं को अंजाम दिया गया था। गिरफ्तार नक्सली अजय महतो पिछले दो दशक से झारखंड के कई जिलों में आतंक का पर्याय बना हुआ था।

एसपी डॉ बिमल ने बताया कि अजय महतो के खिलाफ 240 से अधिक मामले दर्ज हैं। सबसे अधिक कांड चाईबासा में दर्ज हैं, इसके बाद गिरिडीह में, चाईबासा में अजय के खिलाफ 107, गिरिडीह में 68, बोकारो में 37, धनबाद 15, हजारीबाग में 7, रामगढ़-चतरा और सरायकेला में 2-2 मामले दर्ज हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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