सदन चलाने में सत्तापक्ष और विपक्ष का सहयोग लोकतांत्रिक परंपराओं का उत्कृष्ट उदाहरण : स्पीकर

WhatsApp Channel Join Now
सदन चलाने में सत्तापक्ष और विपक्ष का सहयोग लोकतांत्रिक परंपराओं का उत्कृष्ट उदाहरण : स्पीकर


रांची, 18 मार्च (हि.स.)। झारखंंड विधानसभा बजट सत्र 2026 के दौरान बुधवार को सदन की कार्यवाही की दूसरी पाली में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जवाब के साथ ही स्पीकर रबीन्द्र नाथ महतो ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। इस अवसर पर सदन में स्पीकर ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट और वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट, जिसकी कुल राशि एक लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये है। यह बजट राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्पीकर ने अपने समापन संबोधन में कहा कि 18 फरवरी 2026 से लेकर 18 मार्च 2026 तक संचालित इस बजट सत्र में 17 कार्य दिवस रहा और यह सत्र 19 मार्च तक प्रस्तावित था। लेकिन 14 मार्च को अवकाश के दिन सदन का कार्य किया गया, इसलिए एक दिन पूर्व आज ही सत्र समापन हो गया।

इस दौरान स्पीकर ने कहा कि इस बजट सत्र में कुल 242 अल्पसूचित प्रश्न स्वीकृत किए गए, जिनमें से 62 प्रश्नों के उत्तर सदन में दिए गए। इसी प्रकार कुल 758 तारांकित प्रश्न पूछे गए, जिनमें से 57 प्रश्नों का उत्तर सदन में दिया गया। ध्यानाकर्षण सूचनाओं की बात करें तो कुल 72 ध्यानाकर्षण सूचनाएं ली गई, जिनमें से 55 का उत्तर सदन में दिया गया। इस सत्र के दौरान कुल 96 निवेदन प्राप्त हुए। शून्यकाल की सूचनाएं कुल 400 स्वीकृत हुई।

निर्धारित समय से लगभग 112 प्रतिशत तक चला सदन

स्पीकर ने कहा कि इस सत्र में दो महत्वपूर्ण वित्तीय विधेयक पारित किए गए। सत्र के दौरान सदन की कार्यक्षमता भी उल्लेखनीय रही। जहां इस सत्र के लिए कुल 66 घंटे का समय निर्धारित किया गया था, वहीं सदन ने कुल पौने 74 घंटे काम किया, जो निर्धारित कार्य का लगभग 112 प्रतिशत है।

सदन में सभी सदस्य सत्तापक्ष हों या विपक्ष, सदन की कार्यवाही को गरिमा, संयम और सहयोग की भावना से संचालित करने में योगदान दिया, वह लोकतांत्रिक परम्पराओं का उत्कृष्ट उदाहरण है।

स्पीकर ने कहा कि झारखंड राज्य एक युवा और अपार संभावनाओं से भरा राज्य है। इस सत्र के दौरान जो चर्चाएं, निर्णय और विधेयक पारित हुए हैं, वे निश्चित रूप से राज्य के विकास को नई दिशा देंगे। हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम इस सदन की गरिमा को बनाए रखते हुए जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दें। लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाएं। सत्र के सफल संचालन में उन्होंने मुख्यमंत्री, हेमंत सोरेन, मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य, नेता प्रतिपक्ष, विभिन्न दलों के नेता और अन्य सदस्यों, विधानसभा सचिवालय के सभी पदाधिकारी-कर्मियों, राज्य सरकार के अधिकारियों, सुरक्षा बल और मीडिया के प्रति आभार जताया।

उन्होंने कहा कि यह सदन केवल भवन नहीं, एक संकल्प है, झारखंंड के उज्ज्वल भविष्य का विकल्प है। उन्हाेंने राज्यवासियों को ईद-उल-फितर, सरहुल, रामनवमी, महावीर जयंती, गुड फ्राईडे की बधाई दी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

Share this story