मनरेगा कानून व नाम में बदलाव के विरोध में कांग्रेस का राज्यव्यापी आंदोलन, सोमवार को रांची में पैदल मार्च
रांची, 03 जनवरी (हि.स.)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कानून और योजना के नाम में प्रस्तावित बदलाव के विरोध में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। इसकी शुरुआत सोमवार को रांची में बापू वाटिका (मोरहाबादी) से लोक भवन तक पैदल मार्च के साथ होगी। यह जानकारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने शनिवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
कमलेश ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर यह आंदोलन तीन चरणों में संचालित किया जाएगा। प्रथम चरण के तहत 08 जनवरी को राज्य प्रभारी के साथ राज्य स्तरीय कांग्रेस नेताओं की तैयारी बैठक होगी। 10 जनवरी को जिला स्तर पर प्रेस वार्ता और 11 जनवरी को उपवास कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
द्वितीय चरण में 12 से 30 जनवरी तक पंचायत स्तर पर चौपाल का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान ग्राम प्रधानों और मनरेगा कार्यकर्ताओं के बीच कांग्रेस अध्यक्ष के पत्रों का वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही विधानसभा स्तरीय नुक्कड़ सभाएं और पंपलेट वितरण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। 30 जनवरी (शहीद दिवस) को मनरेगा कार्यकर्ताओं और आंदोलनकारियों के साथ विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।
15 फरवरी को विधानसभा/लोक भवन का घेराव
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि आंदोलन के तीसरे चरण में 31 जनवरी से 06 फरवरी तक जिला स्तरीय ‘मनरेगा बचाओ’ धरना, जबकि 07 फरवरी से 15 फरवरी तक विधानसभा अथवा लोक भवन का घेराव किया जाएगा। इसके बाद 16 से 25 फरवरी के बीच देश के विभिन्न क्षेत्रों में मनरेगा बचाओ रैली आयोजित की जाएगी।
कमलेश ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना ग्रामीण भारत पर सीधा हमला है। पहले योजनाओं का चयन ग्राम सभा और पंचायत स्तर पर होता था, लेकिन अब केंद्र सरकार के नियंत्रण से गांवों की स्वायत्तता समाप्त की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान वीबी-जीरामजी योजना से क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ेगा, जो देशहित में नहीं है।
भाजपा की सोच गांधी के विपरीत : किशोर
प्रेस वार्ता में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि भाजपा की विचारधारा महात्मा गांधी के मूल्यों के विपरीत है। इसी मानसिकता के कारण गांधी के नाम को हटाकर नई योजना लाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ग्रामीण रोजगार, आर्थिक सशक्तिकरण और क्रय शक्ति बढ़ाने के खिलाफ है, जिससे उसकी पूंजीवादी सोच उजागर होती है।
वहीं पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि मनरेगा लागू होने के समय विपक्ष ने भी इसकी सराहना की थी और यह योजना ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने में सफल रही है।
प्रेस वार्ता में मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, सोनाल शांति, कमल ठाकुर और राजन वर्मा भी उपस्थित थे।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

