मानव कल्याण के उद्देश्य से वैज्ञानिक पद्धति से करें शोध : प्रो विमल

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मानव कल्याण के उद्देश्य से वैज्ञानिक पद्धति से करें शोध : प्रो विमल


रामगढ़, 06 अगस्त (हि.स.)। रामगढ़ महाविद्यालय में गुरुवार को बहुविषयक शोध विमर्श की साप्ताहिक शृंखला प्रमा के अंतर्गत अर्थशास्त्र की विभागाध्यक्ष डॉ मालिनी डीन ने रिसर्च डिज़ाइन पर अत्यंत उपयोगी व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ मालिनी ने प्रकाश डालते हुए बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2026 के तहत प्रस्तावित राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन का उद्देश्य भारत में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देते हुए देश में मज़बूत शोध संस्कृति विकसित करना है। इसलिए रामगढ़ महाविद्यालय में शोध की रूपरेखा के विषय में जानने-समझने के लिए यह व्याख्यान महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि अनुसंधान आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों में आलोचनात्मक सोच, विश्लेषणात्मक क्षमता और रचनात्मकता का विकास होता है। शोध के माध्यम से समाज में मौजूद समस्याओं को समझने उनका अध्ययन करने और उनका समाधान खोजने का प्रयास किया जाता है। बहुविषयक ज्ञान से शोध विभिन्न विषय के ज्ञान को जोड़कर नई समझ विकसित करता है और समस्याओं के बेहतर समाधान को खोजने में सहायता करता है। स्वदेशी अनुसंधान और नवाचार आयातित तकनीकों पर निर्भरता को कम करता है और आत्मनिर्भरता में योगदान देता है। अपनी सुनियोजित और सुस्पष्ट प्रस्तुति में उन्होंने रिसर्च डिज़ाइन के वर्णनात्मक व विश्लेषणात्मक प्रकार, उसके उद्देश्य, प्राथमिक व द्वितीयक आंकड़ों के संग्रह, साहित्य समीक्षा और शोध परिकल्पना पर छात्र-छात्राओं का व्यापक ज्ञानवर्धन किया।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो डॉ विमल कुमार मिश्रा ने डॉ मालिनी डीन की शोध प्रस्तुति की सराहना करते हुवे कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने वालों के लिए शोध कार्य करना एक आवश्यक अंग है। उन्होंने कहा कि सार्थक सोच की दिशा में किया गया प्रयास ही उचित शोध प्रश्न उत्पन्न करने में सहायक है और वही सही दिशा में शोध करने का कारण बनता है। यह नवीन प्रश्नों और संभावनाओं को जन्म देता है, जबकि शोध उन प्रश्नों के उत्तर खोजकर ज्ञान का विस्तार करता है। मानव समाज, विज्ञान, साहित्य तथा शिक्षा के विकास में सोच और शोध दोनों की समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका है। सर्वाधिक आवश्यकता है कि मानव कल्याण के उद्देश्य से वैज्ञानिक पद्धति से शोध करने पर विचार केन्द्रित करें।

कार्यक्रम का संचालन संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ प्रीति कमल ने किया। कार्यक्रम में डॉ बक्शी ओमप्रकाश, डॉ बलवंती मिंज, प्रो विजेता तिग्गा, डॉ राहुल कुमार, डॉ संगीता बारला, डॉ शालिनी प्रकाश, डॉ नीतू मिंज, डॉ शाहनवाज खान, मोहित जैन, साजिद हुसैन, बीरबल महतो, प्रकाश वर्मा सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

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