झारखंड सरकार और यूनियन बैंक में एमओयू, 1.75 लाख कर्मचारियों को मिलेगा विशेष सैलरी पैकेज
रांची, 04 नवंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में बुधवार को झारखण्ड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन), रांची में सरकार के वित्त विभाग और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य राज्य सरकार के कर्मचारियों को विशेष सैलरी पैकेज के माध्यम से बेहतर बैंकिंग सुविधाएं, वित्तीय सुरक्षा एवं विभिन्न प्रकार के लाभ उपलब्ध कराना है। इस समझौते से राज्य के लगभग 1.75 लाख सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है। ऐसे में हमारी अपेक्षा है कि बैंकिंग क्षेत्र में आदिवासी समुदाय को विशेष प्राथमिकता और लाभ मिले। केवल सरकारी कर्मचारियों तक ही बैंकिंग सुविधाएं सीमित न रहें, बल्कि राज्य के गरीब, पिछड़े, वंचित और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी इन सुविधाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के आदिवासी समुदाय की अपनी विशिष्ट सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियां हैं।
उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा और जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड के आदिवासी समाज का संघर्ष और योगदान देश के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
भगवान बिरसा मुंडा सहित राज्य के अनेक वीर सपूतों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष कर देश की आजादी और स्वाभिमान की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसे में राज्य के आदिवासी एवं ग्रामीण समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गरीब, जरूरतमंद और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं के माध्यम से युवा ऋण प्राप्त कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने बैंकों से आग्रह किया कि वे ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सरल एवं सुलभ बनाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं, छोटे उद्यमियों और जरूरतमंद लोगों को आर्थिक गतिविधियां शुरू करने में सहयोग मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत होना आवश्यक है। बैंक ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराएं, जिनसे आम लोग आसानी से बैंकिंग प्रणाली से जुड़ सकें और उसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक नागरिक की आर्थिक सुरक्षा एवं आर्थिक स्थिति को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ओर से राज्य सरकार के कर्मचारियों के हित में एक अच्छी पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि बैंक का सहयोग और अधिक व्यापक हो तथा यह पहल आने वाले समय में एक मजबूत साझेदारी के रूप में विकसित हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समझौते से राज्य के लगभग 1.75 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इसके लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने आशा जताई कि बैंक भविष्य में राज्य के आम नागरिकों तक भी अपनी सेवाओं और सहयोग का विस्तार करेगा।
इस समझौता ज्ञापन के तहत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में सैलरी अकाउंट रखने वाले राज्य सरकार के कर्मचारियों को विशेष बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें आकस्मिक मृत्यु बीमा कवर, पूर्ण एवं आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में वित्तीय सहायता, एयर एम्बुलेंस सहित आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं, रियायती दरों पर व्यक्तिगत ऋण, गृह ऋण एवं वाहन ऋण तथा निःशुल्क एटीएम कार्ड और डिजिटल बैंकिंग से जुड़ी अन्य सुविधाएं शामिल हैं।
इस अवसर पर मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, सचिव प्रशांत कुमार, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के जोनल हेड गुणा चन्द्र गामी, इकोसिस्टम हब हेड रंजीत सहित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अन्य वरीय पदाधिकारी एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

