मुख्यमंत्री ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजलि, चेशायर होम के बच्चों के बीच बांटे ज़रूरी सामान
रांची, 11 जनवरी (हि.स.)। झारखंड की राजधानी रांची स्थित चेशायर होम में रविवार को झारखंड आंदोलन के जननायक, आदिवासी समाज के गौरव और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी व विधायक कल्पना सोरेन विशेष रूप से उपस्थित रहीं और गुरुजी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भावुक शब्दों में कहा, “यह हमारे जीवन का पहला अवसर है, जब हम बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती उनके बिना मना रहे हैं। गुरुजी के संघर्ष, त्याग और बलिदान ने हमें अलग राज्य के सपने को साकार करने की राह दिखाई। वे सदैव कमजोर, पिछड़े और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहे। गुरुजी के विचार और आदर्श सदियों तक हम सभी का पथप्रदर्शन करते रहेंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशोम गुरु का पूरा जीवन झारखंड और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष में बीता। उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में झारखंड आंदोलन को स्पष्ट दिशा मिली और अंततः अलग राज्य का सपना साकार हुआ। उन्होंने कहा कि गुरुजी की सोच, उनके आदर्श और समाज के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चेशायर होम से अपने विशेष भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि वे अक्सर यहां आते रहे हैं और समय-समय पर यहां के सदस्यों एवं बच्चों से मिलते रहते हैं। उन्होंने संस्था की व्यवस्था और देखरेख की सराहना करते हुए कहा, “यहां के सदस्यगण त्याग और समर्पण की भावना से कार्य कर रहे हैं। यहां रह रहे दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा देखकर यह स्पष्ट होता है कि उनकी शक्ति और आत्मविश्वास किसी भी रूप में कम नहीं है।”
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर संस्था को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया और उपस्थित सभी लोगों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने दिव्यांग बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजन कल्याण के क्षेत्र में लगातार संवेदनशील और सार्थक प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम में विधायक कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं। उन्होंने चेशायर होम में रह रहे दिव्यांग बच्चों से मुलाकात की, उनसे आत्मीय बातचीत की और उनके साथ समय बिताया। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए संस्था में संचालित सेवा कार्यों की सराहना की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों के बीच कंबल एवं आवश्यक सामग्रियों का वितरण भी किया। पूरा कार्यक्रम दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृतियों, उनके विचारों और समाज के प्रति उनके आजीवन समर्पण को नमन करने का एक भावपूर्ण और प्रेरणादायी अवसर बन गया।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

