हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

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हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री


रांची, 09 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की योजनाओं और कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक घर तक पाइपलाइन और नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस लक्ष्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने पेयजल आपूर्ति योजनाओं के रख-रखाव और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा से जुड़ी योजनाओं में किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संभावित पेयजल संकट वाले क्षेत्रों की विशेष निगरानी की जाए और जहां भी जलापूर्ति की समस्या सामने आए, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने राज्य की जल सहियाओं को समूहवार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में प्लंबर का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जल सहियाओं को खराब चापाकलों की मरम्मत, सौर ऊर्जा आधारित जलापूर्ति योजनाओं की देखरेख तथा रख-रखाव की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाली जल सहियाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष सम्मान और पुरस्कार कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

हेमन्त सोरेन ने विभाग की निर्माणाधीन बड़ी योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रमुख परियोजनाओं से जुड़े ठेकेदारों का व्हाट्सएप समूह बनाया जाए, जिसमें प्रतिदिन कार्य प्रगति की जानकारी साझा की जाए। इससे योजनाओं की निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी और कार्यों में तेजी आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की योजनाएं सीधे जनता के जीवन से जुड़ी हैं, इसलिए इन्हें धरातल पर प्रभावी ढंग से उतारने के लिए ठोस और परिणामोन्मुखी प्रयास किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मजबूत कार्य ढांचा तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए बैकअप प्लान विकसित किया जाए और योजनाओं के पूरा होने के बाद शीघ्र उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट) प्राप्त करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने वाटर रिचार्ज के लिए सोक पिट और अन्य आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र तक भी शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी शहरी क्षेत्रों की तरह गुणवत्तापूर्ण पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। इसके लिए संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने राज्य में जल संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्द्धन को लेकर भी विशेष चिंता व्यक्त की और वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण तथा भू-जल स्तर बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने भू-जल स्तर गिरने के कारण अनुपयोगी हो चुके चापाकलों के बोरिंग का उपयोग रिचार्ज पिट के रूप में करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे वर्षा जल का संचयन होगा और भू-जल स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा उन्होंने सोक पिट निर्माण के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा घरों और संस्थानों से निकलने वाले बेकार पानी के संचयन की व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में जल गुणवत्ता की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। इसलिए केवल पाइपलाइन से जलापूर्ति ही नहीं, बल्कि जल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन, जल गुणवत्ता निगरानी एवं अनुश्रवण कार्यक्रम, जल जांच किट की उपलब्धता, हर घर जल योजना की प्रगति, वित्तीय कार्ययोजना, बहु-ग्रामीण एवं एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं, नलकूप योजनाओं, कल्याण विभाग मद की योजनाओं तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत व्यक्तिगत शौचालय, ओडीएफ प्लस गांव, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन तथा गोबरधन योजना की विस्तृत समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जवाबदेह व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का प्रत्येक परिवार सुरक्षित पेयजल और बेहतर स्वच्छता सुविधाओं का लाभ प्राप्त करे, इसके लिए पूरी प्रतिबद्धता और प्रभावी कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

बैठक में राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद के अलावा मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबू इमरान, अतिरिक्त सचिव शशि रंजन सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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