मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में विपक्ष पर बोला हमला, कहा-विपक्ष की नौटंकी में कोई दम नहीं

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-14वीं जेपीएससी और बैकलॉग परीक्षा होगी रद्द , टीडीपीएल की परीक्षाओं की होगी उच्चस्तरीय जांच : हेमंत सोरेन

रांची, 11 अगस्त (हि.स.)। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन मंगलवार को दूसरी पाली में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों के आंदोलन के मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष के बीच जोरदार हंगामा हुआ। इसी दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने विपक्ष के रवैये, कथित दोहरे मापदंड और छात्र आंदोलन को लेकर कई सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले दो-चार दिनों से जो राजनीतिक प्रकरण और नौटंकी चल रही है, उसमें अब कोई रस या दम नहीं बचा है। विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच उन्होंने कहा, “थोड़ा समय हमें भी बोलने के लिए दे दो भाई! बहुत ऐसी बात बताऊंगा, जिससे आप लोग खुशी से उछल पड़ेंगे।”

इस पर विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने हस्तक्षेप करते हुए सदस्यों से सदन के नेता मुख्यमंत्री को शांतिपूर्वक सुनने का आग्रह किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर एक के बाद एक तीखे प्रहार किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के साथियों को वर्तमान सरकार से काफी आशाएं और उम्मीदें हैं, लेकिन उनकी महत्वाकांक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा करते-करते कितने जन्म बीत जाएंगे, यह वे खुद भी नहीं जानते। उन्होंने कहा कि सरकार को विपक्ष के किसी सहारे की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर अलग-अलग तरीकों और साजिशों के जरिए राजनीतिक रोटियां सेंकने का आरोप लगाया।

10 अगस्त को हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौरान प्रशासन ने अभूतपूर्व धैर्य का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद जैसी संवैधानिक संस्थाओं के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहती है। इसके बावजूद विपक्ष के लोग छात्रों को दिग्भ्रमित और गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे मामले की परत-दर-परत जांच करेगी।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर धनबल और विभिन्न संस्थाओं के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास विपक्ष जैसी साधन-व्यवस्था और धनबल नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न संस्थाओं का दुरुपयोग कर सदन की गरिमा को तार-तार किया जा रहा है।

देशभक्ति और तिरंगा यात्रा के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि जिन्होंने अपने पूरे जीवन में कभी तिरंगा नहीं ढोया, वे आज तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर नोटों के बंडल और धनबल के जरिए लोकतंत्र को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक स्थलों तक को नहीं छोड़ा जा रहा है।

14वीं जेपीएससी और बैकलॉग परीक्षा रद्द करने का ऐलान

सदन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जेपीएससी परीक्षाओं को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि 14वीं जेपीएससी और जेपीएससी बैकलॉग परीक्षा को पूरी तरह रद्द किया जाएगा। इसके साथ ही टीडीपीएल के माध्यम से अब तक आयोजित कराई गई सभी परीक्षाओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा और नीयत पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष राज्यहित में क्या सही है और क्या गलत, इसे समझने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान विरोध और हंगामा जनहित का मुद्दा नहीं, बल्कि विपक्ष द्वारा खुद तैयार किया गया मकड़जाल है।

मुख्यमंत्री ने टीडीपीएल को उत्तर प्रदेश की कंपनी बताते हुए आरोप लगाया कि वहां से बैठकर झारखंड के युवाओं को दिग्भ्रमित करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने परीक्षा रद्द करने, निष्पक्ष जांच कराने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार करने का निर्णय लिया है।

परीक्षा प्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की योजना बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए देश के शीर्ष संस्थानों आईआईटी, आईआईएम और एक्सएलआरआई से विशेषज्ञ राय ली जाएगी। इन संस्थानों के सुझावों के आधार पर परीक्षा प्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष के हंगामे पर कहा कि विकास और कल्याणकारी योजनाओं को उनके अंजाम तक नहीं पहुंचने देने के लिए विपक्ष अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा, “ये हल्ला करते रहेंगे, हम अपनी राह चलते रहेंगे।” उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “भैंस के आगे बीन बजाने से कोई फायदा नहीं मिलने वाला है।”

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कवि धूमनाथ पांडेय की कविता ‘गिरोह’ की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि इस गिरोह के और अधिक गिरने की पूरी संभावना है। अभी तो यह पतन और गिरने की शुरुआत भर है। उन्होंने कहा कि पूरा विश्व इस गिरोह का गिरना देख रहा है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “अकेले मत गिरो, रुपया और चरित्र के साथ गिरो, बेशर्मी और बेदर्दी के साथ गिरो।”

हंगामे के बीच विधेयक पेश, सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

उधर, मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान भी सदन में विपक्ष का हंगामा और नारेबाजी जारी रही। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने बार-बार विपक्षी सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी मांगों पर अड़े रहे। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य बेल में पहुंचकर हंगामा करते रहे। इसी हंगामे के बीच वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में झारखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया।

लगातार हंगामे से नाराज विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यदि इसी तरह सदन नहीं चलने दिया जाएगा तो ऐसी स्थिति में कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ेगा। इसके बाद अध्यक्ष ने दोपहर 2:28 बजे सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

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