सीटू के संघर्ष से 70 कर्मियों को मिला बकाया भुगतान : भवन
रांची, 01 जनवरी (हि.स.)। हटिया मजदूर यूनियन (सीटू) के अध्यक्ष भवन सिंह ने गुरुवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि यूनियन के लंबे और संगठित संघर्ष के बाद एचईसी में कार्यरत 70 मजदूरों को 31 जनवरी 2025 को 52 हजार रुपए से लेकर 65 हजार रुपए तक की राशि का बकाया भुगतान किया गया। यह भुगतान उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में किया गया है।
भवन सिंह ने कहा कि ई ग्रेड से सी–डी ग्रेड में जाने के दौरान वार्षिक वेतन वृद्धि को आठ रुपये से घटाकर सात रुपये कर दिया गया था। इस एक रुपये की कटौती के खिलाफ सबसे पहले 06 एफएफपी के कारपेंटर कर्मियों ने यूनियन के माध्यम से कानूनी लड़ाई शुरू की। लगभग 20 वर्षों तक विभिन्न न्यायालयों में चले संघर्ष के बाद उच्च न्यायालय से जीत मिली और 27 कारपेंटरों को भुगतान कराया गया।
इसके बाद आईटीआई और सीटीआई प्रशिक्षुओं ने भी यूनियन के नेतृत्व में उसी आधार पर मुकदमा लड़ा। भुगतान में देरी होने पर उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की गई, जिसके बाद दिसंबर के अंत तक भुगतान करने का आदेश दिया गया। आदेश के अनुपालन में प्रबंधन ने अब राशि का भुगतान कर दिया है।
उन्होंने कहा कि यह करीब 30 वर्षों के संघर्ष का परिणाम है। हालांकि अभी भी लगभग 70 कर्मियों का भुगतान शेष है, जिसे बातचीत के माध्यम से हल करने का प्रयास जारी है। भवन सिंह ने समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए उच्च प्रबंधन की टीम को बधाई दी और मजदूरों से एकजुट होकर संगठित संघर्ष जारी रखने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

