संघर्ष और हौसले से गांव के लिए प्रेरणा बनीं महिला मेट सिसिलिया तिरू
खूंटी, 06 अगस्त (हि.स.)। मुरहू प्रखंड के दारला गांव की रहने वाली सिसिलिया तिरू ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी हैं। आर्थिक तंगी,सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपने संघर्ष,मेहनत और लगन के बल पर न केवल अपने परिवार की स्थिति को बेहतर बनाया,बल्कि गांव के विकास और सामाजिक बदलाव में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सिसिलिया के पति प्रकाश तिरू दिहाड़ी मजदूर हैं। परिवार में दो बच्चों और वृद्ध सास की जिम्मेदारी होने के कारण घर का खर्च चलाना और बच्चों की पढ़ाई कराना काफी चुनौतीपूर्ण था। ऐसे कठिन दौर में सिसिलिया ने हार मानने के बजाय आगे बढ़ने का निर्णय लिया।
उनके जीवन में नया मोड़ तब आया जब लीड्स संस्था के सहयोग से उनका चयन मनरेगा महिला मेट के रूप में हुआ। प्रशिक्षण और क्षमता विकास कार्यशालाओं में भाग लेकर उन्होंने मनरेगा से जुड़े तकनीकी और डिजिटल कार्यों की जानकारी हासिल की। आज वे मनरेगा योजनाओं में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के साथ-साथ ई-केवाईसी का कार्य भी सफलतापूर्वक कर रही हैं। अब तक वे 50 से अधिक मजदूरों का ई-केवाईसी कर चुकी हैं और ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
मनरेगा के तहत उन्होंने सिंचाई कूप,डोभा,मिट्टी-मोरम सड़क,मुर्गी शेड,गाय शेड और आम बागवानी जैसी कई विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी कार्यशैली और सामाजिक सक्रियता से प्रभावित होकर ग्रामीणों ने वर्ष 2022 में उन्हें निर्विरोध वार्ड सदस्य चुना। वर्तमान में वे पंचायत कार्यकारिणी सदस्य के रूप में भी जिम्मेदारी निभा रही हैं।
सिसिलिया ने आय के विभिन्न स्रोत विकसित कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की है। अपनी बेटी की उच्च शिक्षा में आवागमन की परेशानी दूर करने के लिए उन्होंने स्कूटी भी खरीदी। वे सामुदायिक बैठकों और महिला समूहों के माध्यम से अन्य लड़कियों को भी उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करती हैं।
वार्ड सदस्य होने के नाते वे गानालोया स्थित सरकारी उच्च विद्यालय की विद्यालय प्रबंधन समिति की पदेन सदस्य भी हैं। उनके प्रयासों से विद्यालय में किशोरी छात्राओं के लिए माहवारी स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) लैब और भस्मक का निर्माण कराया गया, जिससे छात्राओं को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
इसके अलावा सिसिलिया तिरू बाल विवाह, मानव तस्करी और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी लगातार जागरूकता अभियान चलाती हैं। सामुदायिक नेतृत्व, महिला सशक्तिकरण और विकास कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी ने उन्हें पूरे क्षेत्र में एक प्रेरणादायी पहचान दिलाई है। ग्रामीणों का मानना है कि सिसिलिया तिरू ने अपने संघर्ष और सेवा भाव से यह साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत आधारशिला बन सकती हैं।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मिश्रा

