बाल संसद का हुआ गठन, छात्रों ने सीखा लोकतंत्र का महत्व
रामगढ़, 02 मई (हि.स.)। रामप्रसाद चंद्रभान सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में शनिवार को बाल संसद का गठन किया गया। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ को मजबूत करने के उद्देश्य से गठन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की शिशु भारती, बाल भारती और किशोर भारती इकाइयों के अंतर्गत विभिन्न पदों पर अध्यक्ष, सचिव, सेनापति एवं अन्य महत्वपूर्ण दायित्वों के लिए चुनाव संपन्न कराया गया। चुनाव प्रक्रिया को पूर्णतः वास्तविक लोकतांत्रिक पद्धति के अनुरूप संचालित किया गया।
छात्रों ने अपने विचारों, योजनाओं और वादों के माध्यम से मतदाताओं को आकर्षित करने का प्रयास किया। विद्यालय परिसर में चुनावी माहौल जीवंत और उत्साहपूर्ण रहा। छात्र-छात्राएं मतदाता के रूप में अपनी भूमिका निभाते हुए काफी उत्साहित दिखाई दिया। सभी ने अनुशासनपूर्वक मतदान कर लोकतंत्र की प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से समझा। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को मतदान के महत्व, जिम्मेदारी और निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवीण ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से बच्चों में नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी की भावना एवं लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास होता है। वरिष्ठ आचार्य महेश्वर महतो सहित सभी आचार्य और महिला शिक्षकों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस आयोजन ने विद्यार्थियों के भीतर न केवल नेतृत्व और संगठन क्षमता को प्रोत्साहित किया, बल्कि उन्हें एक जागरूक नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित किया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

