अंगीठी की धुंआ से दम घुटने से बच्चे की मौत, मातम

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अंगीठी की धुंआ से दम घुटने से बच्चे की मौत, मातम


दुमका, 03 नवंबर (हि.स.)। उपराजधानी दुमका से एक हृदयविदारक घटना को घटी। जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बेहराबांक गांव में एक कमरा में मां और उसकी तीन बेटियां बेहोशी की हालत में मिलीं। सुबह काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों की चिंता बढ़ी। अनहोनी की आशंका में जब दरवाजा तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया गया तो वहां का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। मां और तीनों बेटियां अचेत अवस्था में पड़ी थीं। आनन-फानन में सभी को इलाज के लिए सदर अस्पताल, दुमका पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने एक बेटी निक्की कुमारी को मृत घोषित कर दिया। वहीं मां, एक नवजात सहित दो अन्य बेटियों का इलाज चल रहा है।

जानकारी के अनुसार बेहराबांक गांव निवासी दिलीप सिंह रात में रिंग रोड स्थित अपने लाइन होटल में ही सो गए थे। घर पर उनकी पत्नी रीना देवी और पांच बेटियां थीं। बताया जाता है कि 11 दिन की नवजात बच्ची की देखभाल के लिए मां रीना देवी दो अन्य बेटियों और नवजात के साथ एक कमरे में सोई थी, जबकि दो बेटियां दूसरे कमरे में सो रही थीं। सुबह जब घर का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। परिजनों के अनुसार नवजात बच्ची के कारण रात में कमरे के भीतर अंगीठी जलाकर रखी गई थी। घर के दरवाजे और खिड़कियां भी बंद थीं।

गृहस्वामी प्रकाश सिंह ने आशंका जताई कि बंद कमरे में अंगीठी जलने के कारण दम घुटने से यह हादसा हुआ है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद मां रीना देवी, नवजात बच्ची और एक अन्य बेटी को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। नवजात की स्थिति खतरे से बाहर है जबकि मां और एक अन्य बेटी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इस दौरान परिजनों ने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि गंभीर हालत में मरीजों को अस्पताल लाने के बाद भी इलाज के नाम पर उन्हें इधर-उधर दौड़ाया जा रहा है। कोई जिम्मेदारी लेने और मरीजों को देखने वाला नहीं है। परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए बेहतर इलाज की मांग की।

घटना की सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना की पुलिस सदर अस्पताल पहुंच परिजनों से पूछताछ कर घटना की जानकारी ली। फिलहाल एक बच्ची की मौत से परिवार में मातम पसरा है, जबकि मां और दो अन्य बेटियों की जिंदगी बचाने की जद्दोजहद जारी है। बेहराबांक की यह घटना पूरे इलाके में चर्चा और शोक का विषय बना हुआ है। मामले में थाना प्रभारी जगरनाथ धान ने बताया कि मामले में पुलिस घटना के कारणों को जानने में जुटी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार

Livevns.news Desk
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