महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं चाहती केंद्र सरकार : रितु चौधरी

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महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं चाहती केंद्र सरकार : रितु चौधरी


रांची, 22 अप्रैल (हि.स.)। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रितु चौधरी ने केंद्र सरकार पर देश की महिलाओं को बरगलाने और देश की जनता से झूठ बोलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण की आड़ में सरकार की ओर से परिसीमन बिल लाया गया था जिसे विपक्ष ने गिरा दिया।

राष्ट्रीय प्रवक्ता बुधवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में विपक्ष ने भाजपा का साथ देकर महिला आरक्षण विधेयक पास कराया, लेकिन केंद्र सरकार की नियत में खोट थी इसलिए वर्ष 2024 के चुनाव के पूर्व इसे अधिसूचित कर लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की नियत सही होती तो महिलाओं को 2024 के चुनाव में ही आरक्षण मिल गया होता। 2023 में बिल के साथ जनगणना और परिसीमन की शर्तें लगाकर उसे लागू नहीं किया गया। आनन-फानन में परिसीमन बिल को पेश करने के पहले ढाई वर्षो के बाद महिला आरक्षण विधेयक को अधिसूचित किया गया। इससे पता चलता है कि सरकार महिला सशक्तिकरण के खिलाफ है।

मनमाने ढंग से परिसीमन लागू करना चाहती है सरकार

रितु चौधरी ने कहा कि भाजपा देश में मनमाने ढंग से परिसीमन लागू करना चाहती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह जम्मू कश्मीर में मनमाने तरीके से परिसीमन लागू किया गया था, जहां जम्मू को ज्यादा और कश्मीर को कम सीटें दी गईं। वर्तमान में संसद में पेश परिसीमन बिल सौहार्द बिगाडने वाला था। इस बिल से उत्तर पूर्व, गोवा, दक्षिण भारत के राज्य व्यापक रूप से प्रभावित होते। देश में राजनीतिक रूप से इन राज्यों को हाशिये पर धकेलना की तैयारी थी।

इन राज्यों की सीटें घटाकर भाजपा वर्तमान के अपने प्रभाव वाले राज्यों में सीटें बढ़ाना चाहती थी।

उन्होंने कहा कि 2017 में कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महिला आरक्षण बिल लाने की मांग की थी। वहीं 2018 में पार्टी के नेता राहुल गांधी ने 32 लाख हस्ताक्षरों के साथ पत्र लिखकर प्रधानमंत्री से महिला आरक्षण बिल को संसद में लाने की मांग की थी। कांग्रेस चाहती है कि सरकार 543 सीटों पर आज ही महिला आरक्षण कानून लागू करें ताकि संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 2029 के चुनाव में 181 की संख्या में हो। लेकिन केंद्र इससे दूर भाग रहा है उनकी नियत महिलाओं को अधिकार देने की नहीं है।

उन्होंने कहा कि ओबीसी महिलाओं को आबादी के हिसाब से आरक्षण मिलना चाहिए। ओबीसी महिलाओं को हक और अधिकार से वंचित रखने के लिए भाजपा कुत्सित प्रयास कर रही है।

मौके पर मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, सतीश पॉल मुंजनी, सोनाल शांति और कमल ठाकुर उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

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