कृषि मंत्री ने की अलनीनो प्रभावित जिलों के किसानों के लिए केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग

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कृषि मंत्री ने की अलनीनो प्रभावित जिलों के किसानों के लिए केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग


रांची, 23 जून (हि.स.)। झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने अलनीनो के संभावित प्रभाव से प्रभावित जिलों के किसानों के लिए केंद्र सरकार से विशेष राहत पैकेज उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने यह मांग मंगलवार को भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से आयोजित राज्यों के कृषि मंत्रियों की ऑनलाइन समीक्षा बैठक में उठाई।

बैठक में शिल्पी नेहा तिर्की ने झारखंड सरकार की ओर से तैयार आकस्मिक योजना (कंटीजेंसी प्लान) का विस्तृत प्रस्तुतीकरण करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने संभावित अलनीनो प्रभाव को देखते हुए मई माह से ही व्यापक तैयारियां शुरू कर दी थीं। उन्होंने कहा कि जिला और प्रखंड स्तर पर कृषि कार्यशालाओं का आयोजन कर किसानों को बदलती जलवायु परिस्थितियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है तथा वैकल्पिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

बैठक के दौरान भारतीय मौसम विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि 1 जून से 17 जून के बीच देश में 74 मिलीमीटर वर्षा का अनुमान था, लेकिन अब तक केवल 37 मिलीमीटर वर्षा ही दर्ज की गई है। इसके अनुसार देशभर में वर्षा की कमी लगभग 40 प्रतिशत है तथा 248 जिलों में सामान्य वर्षा नहीं हुई है। मौसम विभाग ने आगामी दो सप्ताह तक भी सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना जताई है।

कृषि मंत्री ने कहा कि झारखंड में जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मड़ुवा, मक्का और दलहनी फसलों की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अलावा किसानों की आय को सुरक्षित रखने और कृषि जोखिम को कम करने के लिए मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, लाह उत्पादन, मत्स्य पालन तथा अन्य वनोपज आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से आग्रह किया कि जिन जिलों में औसत से कम वर्षा हुई है और जहां अलनीनो के प्रतिकूल प्रभाव की आशंका है, वहां किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए विशेष राहत पैकेज दिया जाए। उन्होंने कहा कि समय रहते सहायता मिलने से किसानों को संभावित नुकसान से उबरने में मदद मिलेगी।

बैठक में उर्वरकों की उपलब्धता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि झारखंड सरकार ने केंद्र से 3.90 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की मांग की थी, जबकि केंद्र सरकार ने 3.20 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है। उन्होंने राज्य की वास्तविक आवश्यकता को देखते हुए शेष उर्वरकों की भी शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।

मंत्री ने कहा कि खेती के मौजूदा मौसम में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है और इसकी कमी से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस दिशा में सकारात्मक पहल करने की अपेक्षा जताई।----------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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