जेपीएससी की 14वीं पीटी परीक्षा रद्द कर, सीबीआई से जांच कराए सरकार : आजसू

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जेपीएससी की 14वीं पीटी परीक्षा रद्द कर, सीबीआई से जांच कराए सरकार : आजसू


रांची, 22 जुलाई (हि.स.)। आजसू पार्टी ने 14 वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) को रदद कर इसकी सीबीआइ से जांच कराने की मांग की है।

पार्टी के हरमू स्थित कार्यालय में प्रेस वार्ता में मुख्य प्रवक्ता देवशरण भगत और केंद्रीय महासचिव लंबोदर महतो ने कहा कि राज्य सरकार पीटी परीक्षा में हुई गड़बड़ी की लीपापोती का प्रयास बंद करे।

उन्होंने कहा कि जेपीएससी की ओर से आयोजित की जा रही प्रतियोगी परीक्षाओं में घपला करने के लिए ही ब्लैकलिस्टेड कंपनी की सेवाएं ली जा रही थीं। इस प्रकरण में राज्य की छवि पर एक और दाग लग गया है।

लम्बोदर महतो ने कहा कि जिस निजी एजेंसी टीडीपीएल के संबंध में कई राज्यों में कार्रवाई और प्रतिबंध की बातें सामने आती रही हैं, उसी एजेंसी से परीक्षा कराना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा संचालन में निजी एजेंसी की भूमिका, आयोग के अध्यक्ष का इस्तीफा और जेपीएससी कार्यालय में सीआईडी की छापेमारी पूरे प्रकरण को और अधिक संदेहास्पद बनाती है।

पीटी में 1100 अभ्यार्थियों में से 400 सिर्फ हरियाणा–यूपी के

उन्होंने कहा कि यह बात चर्चा में है कि 50 सामान्य सीटों के लिए जिन 1100 अभ्यार्थियों को चुना गया है उनमें से 400 सिर्फ हरियाणा–यूपी के हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा से संबंधित ओएमआर शीट सहित कई मुद्दों पर अब तक स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।

केंद्रीय प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने कहा कि सरकार, आयोग और परीक्षा एजेंसी की भूमिका पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं, जिनका जवाब झारखंड के युवाओं को मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता हुई हैं तो उसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि झारखंडी युवाओं के हितों की बात करने वाली सरकार के कार्यकाल में परीक्षा परिणाम को लेकर इतनी व्यापक शंकाएं क्यों उत्पन्न हुईं।

उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच सीबीआई और वित्तीय अनियमितताओं के पहलुओं की जांच सक्षम केंद्रीय एजेंसियों से कराई जाए, ताकि सत्य सामने आए और यदि किसी स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

आजसू ने मांग की कि 14 वीं जेपीएससी परीक्षा तत्काल रद्द की जाए और झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को कानून के दायरे में लाया जाए। पार्टी ने कहा कि यदि सरकार इस मामले में जल्द निर्णय नहीं लेती है तो आजसू पार्टी युवाओं के न्याय के लिए लोकतांत्रिक आंदोलन को और तेज करेगी।

प्रेस वार्ता में युवा आजसू महानगर अध्यक्ष अमित यादव, खूंटी जिला अध्यक्ष जयकांत कश्यप सहित अन्य उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

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