झारखंड कैबिनेट ने 39 प्रस्तावों को दी मंज़ूरी, राज्य के सभी 24 ज़िलों में खुलेगा ‘अबुआ दवाखाना’

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झारखंड कैबिनेट ने 39 प्रस्तावों को दी मंज़ूरी, राज्य के सभी 24 ज़िलों में खुलेगा ‘अबुआ दवाखाना’


रांची, 27 मई (हि.स.)। झारखंड सरकार राज्य के सभी 24 जिलों में ‘अबुआ दवाखाना’ स्थापित करेगी, जहां बहु चिकित्सा प्रणाली के तहत एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा पद्धति से इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। इस संबंध में बुधवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया। बैठक में कुल 39 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।

कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत विभिन्न स्वास्थ्य उपकेंद्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य भवनों में बहु चिकित्सा प्रणाली पर आधारित एकीकृत औषधि केंद्र ‘अबुआ दवाखाना’ स्थापित किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों की आवश्यक दवाइयां और उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

उन्होंने बताया कि झारखंड आवश्यक औषधि सूची के तहत उपलब्ध एलोपैथिक दवाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय आयुष आवश्यक औषधि सूची में शामिल आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा पद्धति की दवाइयां भी लाभार्थियों को नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का मानना है कि इससे लोगों को वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों का लाभ भी आसानी से मिल सकेगा।

योजना के प्रथम चरण में राज्य के सभी 24 जिलों के 745 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) में एकीकृत औषधि केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए मजबूत संरचनात्मक व्यवस्था और प्रभावी संचालन प्रणाली विकसित की जाएगी ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

कैबिनेट की बैठक में राज्य में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई योजना को भी मंजूरी दी गई। सरकार ने वर्ष 2030-31 तक तीन चरणों में जैविक खेती के क्षेत्र को वर्तमान 35 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर 1.5 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इस योजना के क्रियान्वयन के लिए कुल 370 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई है। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में 42 करोड़ 87 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

कैबिनेट ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित सूचनाएं देने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए नई पुरस्कार नीति को मंजूरी दी। इसके तहत नशे के कारोबार की सूचना देने वाले लोगों को पुरस्कृत किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य राज्य में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

राज्य सरकार ने दुमका हवाई अड्डे से नियमित विमान सेवा शुरू करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि इससे संताल परगना क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और पर्यटन तथा व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

कैबिनेट ने मौसम संबंधी सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए भारत सरकार के मौसम विभाग के साथ एमओयू करने पर सहमति दी है। इससे राज्य में मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

कैबिनेट बैठक में गंभीर रूप से बीमार दिव्यांग कलाकारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इस फैसले से जरूरतमंद कलाकारों को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक राहत मिलेगी, जिससे वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकेंगे।

कैबिनेट के प्रमुख फैसले

* कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के प्रस्ताव पर झारखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अमिताभ कुमार गुप्ता को राज्य के लोकायुक्त पद पर नियुक्ति के बाद पद स्वीकृति प्रदान की गई।

* राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत वर्ष 2030-31 तक तीन चरणों में जैविक खेती के क्षेत्र को 35 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर 1.5 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

* जैविक खेती योजना पर कुल 370 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 42 करोड़ 87 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

* कैबिनेट ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी सूचनाएं देने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए नई पुरस्कार नीति को मंजूरी दी। इसके तहत नशे के कारोबार की सूचना देने वाले लोगों को पुरस्कृत किया जाएगा।

* दुमका हवाई अड्डे से नियमित उड़ान सेवा शुरू करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

* मौसम संबंधी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए भारत सरकार के मौसम विभाग के साथ एमओयू करने पर सहमति बनी।

* गंभीर रूप से बीमार दिव्यांग कलाकारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इस फैसले से जरूरतमंद कलाकारों को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक राहत मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

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