ब्रह्माकुमारी संस्थान में तम्बाकू निषेध दिवस कार्यक्रम आयोजित
रांची, 30 मई (हि.स.)। ब्रह्माकुमारी संस्थान के स्थानीय सेवा केन्द्र चौधरी बगान हरमू रोड में शनिवार को तम्बाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने कहा यह विडम्बना ही है कि आजाद भारत के लोग अंग्रेजों की गुलामी से तो मुक्त हो गए। अंग्रेज चले गए लेकिन यहां के लाेगाें में सिगरेट और बीड़ी की आदत देकर चले गए। उन्हाेंने कहा।कि सिगरेट की खराब आदत का उपचार राजयोग प्रक्रिया है। इसका अभ्यास ब्रह्माकुमारी केन्द्र में कराया जाता है। उन्होंने कहा कि राजयोग सभी नशा का नाश करने के लिए अचूक औषधि है। राजयोग का अभ्यास व्यक्ति की मनोवृति और वातावरण में बदलाव लाता है और रोगों से मुक्ति दिलाकर मस्तिष्क को स्वस्थ बनाता है, जबकि बीड़ी, सिगरेट, गुटखा लेने से आदमी का विकास नहीं होता, उलटे शरीर की रौनक कम होती जाती है।
मौके पर लोगों ने सिगरेट और गुटखा का भविष्य में प्रयोग न करने की प्रतिज्ञा की।
इस अवसर पर झारखंड उच्च न्यायालय के कोर्ट मास्टर दीप रंजन ने कहा कि पारिवारिक, सामाजिक और प्रशासनिक दबावों के बीच कार्य करते हुए मानव आज असंतोष, तनाव और कूठा में घिरा हुआ है। कुछ लोग इससे मुक्त होने के लिए बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू, शराब का प्रयोग करते हैं लेकिन वास्तव में तनाव का इलाज तम्बाकू नहीं, सिगरेट, शराब सहित अन्य एक धीमा जहर है। बचपन में भी कई बच्चे बुरी संगति के कारण इस लत के शिकार हो जाते हैं। कार्यक्रम में बडी संख्या में लोग मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

