बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उसे मंच प्रदान देना शिक्षा का उद्देश्य : डीएसई
-रांची स्पीक्स प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तीकरण पर दी प्रस्तुति
रांची, 13 अक्टूबर (हि.स.)। जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) के मार्गदर्शन में मंगलवार को राजकीयकृत मध्य विद्यालय बीएमपी-1, डोरंडा में रांची स्पीक्स प्रखंड स्तरीय प्रतियोगिता सह वार्षिकोत्सव-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रांची-2 प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों से चयनित छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति कौशल का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथियों और शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों का पारंपरिक लोक संगीत एवं नृत्य के साथ स्वागत किया गया।
प्राचार्य-सह-निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, रांची-2 अशोक प्रसाद सिंह ने रांची स्पीक्स की उपलब्धियों और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और संवाद कौशल विकसित करने के साथ अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें उचित मंच प्रदान करना शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थी अपने ज्ञान के साथ अभिव्यक्ति, प्रस्तुति और रचनात्मक सोच को भी विकसित करते हैं।
विशिष्ट अतिथि क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, रांची सदर अमृता सिंह और अवर विद्यालय निरीक्षक सीमा कुमारी ने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया और विजेताओं को सम्मानित किया।
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में रांची स्पीक्स के प्रस्तुति समूह 1–5 और समूह 6–8 के चयनित प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया गया। विद्यार्थियों ने विभिन्न सामाजिक विषयों पर अपने विचार प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता के दौरान ‘झारखंड की माटी-एक सांस्कृतिक झलक’ विषय पर गीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। इससे झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिली। मध्य विद्यालय बीएमपी-1, डोरंडा के सांस्कृतिक दल की प्रस्तुति को भी दर्शकों ने खूब सराहा।
प्रतियोगिता के समूह 1–5 में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों के साथ समूह 6–8 के विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
निर्णायक मंडल में डॉ. अर्द्धेत चैतन्य, ध्रुव कुमार पाण्डेय और रश्मि वर्मा शामिल थे। उन्होंने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षकों, प्रखंड स्तरीय टीम, प्रतिभागी विद्यार्थियों और उनके मार्गदर्शक शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उपस्थित अतिथियों ने रांची स्पीक्स जैसी पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा, विचारों और रचनात्मकता को अभिव्यक्त करने के लिए निरंतर अवसर मिलता है।
---------
हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

