जनजातीय समाज के सम्मान, संरक्षण और विकास पर भाजपा का राजनीतिक प्रस्ताव पारित

WhatsApp Channel Join Now
जनजातीय समाज के सम्मान, संरक्षण और विकास पर भाजपा का राजनीतिक प्रस्ताव पारित


जनजातीय समाज के सम्मान, संरक्षण और विकास पर भाजपा का राजनीतिक प्रस्ताव पारित


-झारखंड की संस्कृति और विरासत के संरक्षण के साथ युवाओं के रोजगार पर जोर

रांची, 14 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में बुधवार को प्रदेश पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल की उपस्थिति में हुई। बैठक में झारखंड के जनजातीय समाज, संस्कृति और विरासत के सम्मान, संरक्षण एवं विकास से जुड़े विषयों पर राजनीतिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान, अधिकार, कल्याण और विकास के लिए किए गए प्रयासों को रेखांकित किया गया।

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने प्रस्ताव सदन के पटल पर रखा। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और विधायक पूर्णिमा साहू ने इसका अनुमोदन किया। इसके बाद उपस्थित पदाधिकारियों और सदस्यों ने दोनों हाथ उठाकर प्रस्ताव का समर्थन किया। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने किया।

बैठक में जोर दिया गया कि जनजातीय समाज का विकास केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं होना चाहिए। उसकी भाषा, लोककला, लोकगीत, पारंपरिक ज्ञान, रीति-रिवाज, सामाजिक परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण भी विकास की प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रस्ताव में जनजातीय युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, वन उपज आधारित आजीविका को प्रोत्साहित करने तथा जनजातीय बहुल क्षेत्रों में विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

जनजातीय समाज के विकास को प्राथमिकता : आदित्य साहू

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि देश के गरीबों, वंचितों और जनजातीय समाज की पीड़ा को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस संवेदनशीलता से समझा है, वह उनके जनसेवा के संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक जनजातीय समाज बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के पर्याप्त अवसरों से वंचित रहा। पूर्ववर्ती सरकारों ने लगातार इसकी अनदेखी की, लेकिन नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान, अधिकार और विकास को प्राथमिकता देने के लिए अनेक पहल की गई हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए गरीबों और वंचितों की सेवा केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि जीवन का संकल्प है। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालने से लेकर प्रधानमंत्री के तौर पर देश का नेतृत्व करने तक, उनका जोर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने पर रहा है। साहू ने कहा कि नरेन्द्र मोदी 2001 से लगातार सेवाभाव के साथ देश की सेवा में जुटे हुए हैं।

जनजातीय गौरव और विरासत का संरक्षण जरूरी : गजेंद्र सिंह पटेल

भाजपा के प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि झारखंड के सर्वांगीण विकास के बिना विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकता। झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य होने के साथ-साथ जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं, संघर्ष और बलिदान की ऐतिहासिक भूमि भी है। जब तक जनजातीय समाज, गरीब, वंचित और ग्रामीण क्षेत्र विकास की मुख्यधारा में पूरी तरह सहभागी नहीं बनेंगे, तब तक विकसित भारत का संकल्प अधूरा रहेगा।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए आर्थिक संपन्नता, सामाजिक समरसता, सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण चार महत्वपूर्ण आधार हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह संकल्प तभी पूरा होगा, जब झारखंड आर्थिक रूप से समृद्ध, सामाजिक रूप से समरस और सुरक्षित बनेगा तथा अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गौरव करेगा। झारखंड का विकास केवल एक राज्य का विकास नहीं, बल्कि विकसित भारत की आधारशिला है।

पटेल ने कहा कि आर्थिक संपन्नता का अर्थ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास के अवसर पहुंचाना है। इसके लिए युवाओं को रोजगार, किसानों और ग्रामीणों को आय बढ़ाने के अवसर तथा जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जरूरी है।

उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन जनजातीय स्वाभिमान, स्वतंत्रता, जल-जंगल-जमीन के अधिकार और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है। उनकी विरासत आज भी झारखंड और पूरे देश के लिए प्रेरणा है। बिरसा मुंडा ने अपने संघर्ष से यह संदेश दिया कि समाज की पहचान, अधिकार और आत्मसम्मान की रक्षा सर्वोपरि है।

सेवा, सुशासन और संकल्प के 25 वर्ष : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सार्वजनिक जीवन सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का प्रेरणादायी उदाहरण है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक की उनकी यात्रा गरीबों, वंचितों, किसानों, युवाओं और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के संकल्प की यात्रा है।

मरांडी ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का संदेश स्पष्ट है कि राजनीति का उद्देश्य सत्ता नहीं, बल्कि सेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना होना चाहिए। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने बुनियादी ढांचे, जनकल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कदम देखे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी इन प्रयासों और योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाते हुए सेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिन कार्यों को कभी असंभव माना जाता था, वे आज नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संभव हुए हैं। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा ऐतिहासिक विषय है। इसके अलावा आधुनिक सड़कों, राजमार्गों, पुल-पुलियों और संपर्क सुविधाओं के विस्तार से देश में विकास को नई गति मिली है।

प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल पार्टी कार्यालय में आयोजित तीन अन्य बैठकों में भी शामिल हुए। इन बैठकों में परिचय के बाद उन्होंने उपस्थित सदस्यों को मार्गदर्शन दिया।

बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और मधु कोड़ा, केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, बालमुकुंद सहाय, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू और गीता कोड़ा, महामंत्री गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी और मनोज सिंह, सांसद वीडी राम और ढुल्लू महतो तथा विधायक सीपी सिंह, नवीन जयसवाल, मनोज यादव, सतेन्द्र नाथ तिवारी, प्रकाश राम और राज सिन्हा सहित अन्य उपस्थित थे।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

760910 Articles

Share this story