आपातकाल लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय, इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता : अर्जुन मुंडा

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आपातकाल लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय, इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता : अर्जुन मुंडा


रांची, 25 जून (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) रांची महानगर जिला के तत्वावधान में महानगर अध्यक्ष वरुण साहू के अध्यक्षता में संविधान हत्या दिवस के अवसर पर गुरुवार को महानगर जिला कार्यालय में संगोष्ठी एवं लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रांची विधायक सीपी सिंह, डॉ सूर्यमणि सिंह उपस्थित रहे।

इस अवसर पर आपातकाल के दौरान मीसा कानून के तहत जेल गए लोकतंत्र सेनानियों को अर्जुन मुंडा ने अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया तथा लोकतंत्र की रक्षा में उनके अतुलनीय योगदान को नमन किया।

इस मौके पर अर्जुन मुंडा ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय है। सत्ता के अहंकार में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने संविधान की मूल भावना को कुचलने का प्रयास किया। लाखों लोकतंत्र सेनानियों, पत्रकारों और विपक्षी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर ताला लगा दिया गया। लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष ही भारत में लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का आधार बना। आने वाली पीढ़ियों को आपातकाल की सच्चाई से अवगत कराना हम सभी का दायित्व है।

रांची विधायक सीपी सिंह ने कहा कि आपातकाल केवल राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला था। सत्ता के दुरुपयोग का यह उदाहरण देश के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।

लोकतंत्र सेनानियों का त्याग और संघर्ष हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

वरिष्ठ नेता एवं मीसा कानून में जेल गए डॉ. सूर्यमणि सिंह ने कहा कि आपातकाल ने यह सिखाया कि लोकतंत्र तभी सुरक्षित रह सकता है जब जनता सजग रहे और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया जाए। लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष ने भारत की लोकतांत्रिक परंपरा को नई शक्ति प्रदान की।

भाजपा रांची महानगर जिला अध्यक्ष वरुण साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रत्येक वर्ष संविधान हत्या दिवस मनाकर लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करती है। यह केवल इतिहास का स्मरण नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प है। युवा पीढ़ी को यह जानना आवश्यक है कि लोकतंत्र की रक्षा कितने संघर्ष और बलिदान से हुई है।

कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों जिन्होंने आपातकाल में जेल की यातना सही उन्हें पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर सम्मान किया गया। सम्मानित किए जाने वालों में मुख्य रूप से डॉ सूर्यमणि सिंह, प्रमोद मिश्रा, शिव गोविंद पांडेय, करम दयाल महतो, रघुराम महतो, मुसाफिर विश्वकर्मा, रामचंद्र महतो, सुभाष पाहन, जितपाहन महतो, भवानी प्रसाद राणा, महंत सिंह, डॉ बृज कुमार मिश्रा, राधेश्याम अग्रवाल सहित अन्य आंदोलनकारी को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर रांची की महापौर रौशनी खलखो, उप महापौर नीरज कुमार, पूर्व विधायक जीतू चरण राम, बलराम सिंह, जितेंद्र वर्मा, राजू सिंह, संकेत तिवारी, नीरज चौधरी, रेखा महतो, राम लगन राम, विनय राज, अर्चना सिंह, हरेंद्र सिंह सहित उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा, संविधान की गरिमा बनाए रखने तथा भारत को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव समर्पित रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा पदाधिकारी, लोकतंत्र सेनानी एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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