कार्यसमिति बैठक का दूसरा दिन : भाजपा के राजनीतिक प्रस्ताव-02 में झारखंड सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का संकल्प

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कार्यसमिति बैठक का दूसरा दिन : भाजपा के राजनीतिक प्रस्ताव-02 में झारखंड सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का संकल्प


रांची, 25 अक्टूबर (हि. स.)। रांची के सुकुरहुट्टू स्थित हवेली बैंक्वेट हॉल में आयोजित भाजपा झारखंड प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दूसरे दिन रविवार को राजनीतिक प्रस्ताव-2 को पटल पर रखा गया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस राजनीतिक प्रस्ताव-2 को प्रस्तुत किया, जबकि इस प्रस्ताव का अनुमोदन पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी एवं मंजू कुमारी ने किया।

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में हेमंत सरकार की जनविरोधी नीतियों से जुड़े मुद्दों को विस्तार से उठाते हुए राजनीतिक प्रस्ताव-2 को सर्वसम्मति से पारित किया गया। कार्यसमिति का यह राजनीतिक प्रस्ताव-2 हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार की हर मोर्चे पर विफलता, चुनावी वादाखिलाफी, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा में नाकामी, घुसपैठ, खनिज संपदाओं की लूट, युवाओं-छात्राओं के साथ धोखा एवं आदिवासियों के उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों पर केंद्रित है।

प्रस्ताव में राज्य सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, युवाओं एवं छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ और जनहित की अनदेखी के विरुद्ध संघर्ष को तेज करने का संकल्प व्यक्त किया गया। दो दिनों के गहरे मंथन और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले मार्गदर्शन के बाद नई ऊर्जा एवं उत्साह से भाजपा कार्यकर्ता पूरी तरह लबरेज दिखे।

राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राजनीतिक प्रस्ताव में लिखित बातों को लेकर कोई भी राजनीतिक दल जनता की बीच जाती है।

मरांडी ने कहा कि देश के आज़ादी की लड़ाई में झारखंड़ के सभी इलाकों में हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने महत्ती भूमिका निभाई और कुर्बानियां दी। वे सभी जल, जंगल, जमीन और न्याय की लड़ाई लड़ी। लेकिन कांग्रेस ने देश में एक लंबे समय तक सरकार चलाई और आज भी झारखंड़ में उनकी ही सरकार है, ये लोग जल, जंगल और जमीन का सिर्फ नारा दिया, लेकिन किसी ने महापुरुषों को सम्मानित नहीं किया। अगर इन महानायकों को भाजपा के अटल बिहारी बाजपेयी और नरेंद्र मोदी की सरकार ने सम्मानित किया।

उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के योद्धा और अगुआ रहे भगवान बिरसा मुंडा की शहादत को देश की जनता को जानकारी हो इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके जन्मदिन को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लेकर उनको सम्मान दिया। वहीं धरती आबा को कांग्रेस ने कहीं भी एक जगह तक नहीं दी, जहां उनका संग्रहालय या स्मारक बनाया जा सके। भाजपा की सरकार ने उन्हें सम्मान देते हुए रांची हवाई अड्डा का नामकरण उनके नाम पर किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री थे जिन्होंने बिरसा मुंडा की जन्मस्थली जाकर उनको नमन किया।

इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने कहा कि राजनीतिक प्रस्ताव अनिवार्य है, क्योंकि वर्तमान सरकार की लूट, अराजकता को जवाब देना हमारा दायित्य है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का उद्देश्य सिर्फ लूट और भ्रष्टाचार को अंजाम देना है। हर योजना में लूट मची हुई है। विधवाओं और वृद्धजनों का पेंशन तक बंद है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य की 10 हजार प्राथमिक स्कूलों के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। यह सरकार आज हर क्षेत्र में फेल हो चुकी है। इस सरकार ने अबुआ आवास, हरा राशन कार्ड को भी आज बन्द कर दिया है। राज्य का अंचल कार्यालय लूट का अड्डा बना हुआ है।

पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि झारखंड़ की हेमन्त सोरेन की सरकार ने लोकतंत्र को लूटतंत्र में बदल दिया है। इस बात को इस राजनीतिक प्रस्ताव में प्रमुखता से इस बात को रेखांकित किया गया है उसका हम सभी भरपूर समर्थन करते हैं।

भाजपा के कार्यकर्ताओं ने छात्रों के समर्थन में सरकार से टकराने का काम किया, जिसका परिणाम रहा कि सरकार की ओर से वार्ता की गई और छात्रों पर झूठे मुकदमे दर्ज होना बन्द हुआ। इस अबुआ सरकार में सबसे ज्यादा आदिवासी समाज पीड़ित है।

प्रस्ताव के समर्थन में गढ़वा के विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी और मंजू कुमारी ने भी झारखंड की वर्तमान सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य की जनता इस सरकार के कुशासन से मुक्त होना चाहती है।

प्रस्ताव के मुख्य बातें

प्रस्ताव में कहा गया है कि झारखंड के अमर बलिदानियों की पावन धरती आज झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार के कुशासन, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और बदहाल कानून-व्यवस्था से आहत है। भाजपा के संघर्ष और जनआकांक्षाओं से अस्तित्व में आए झारखंड की अस्मिता को वर्तमान सरकार की वादाखिलाफी और जनविरोधी नीतियों ने गहरी चोट पहुंचाई है। भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता, बुनियादी सुविधाओं का अभाव और प्रशासनिक संवेदनहीनता ने जनता की उम्मीदों को झकझोर दिया है।

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति इस जनविरोधी सरकार के विरुद्ध जनआवाज को बुलंद करते हुए व्यापक जनसंघर्ष का संकल्प लेती है। भाजपा का दृढ़ विश्वास है कि झारखंड का भविष्य भ्रष्टाचार और कुशासन में नहीं, बल्कि सुशासन, रोजगार, बेहतर शिक्षा, सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन में निहित है। विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब विकसित झारखंड का संकल्प पूरा होगा।

प्रस्ताव में झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा गया कि वर्ष 2019 से झारखंड की सत्ता में काबिज सरकार ने जनता को विकास के सपने दिखाए, लेकिन धरातल पर निराशा, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार ही मिला। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, पेयजल और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाएं बदहाल हैं। गरीब, आदिवासी, दलित, पिछड़े, महिलाएं, किसान और युवा सरकार की वादाखिलाफी से परेशान हैं। कार्यसमिति ने आरोप लगाया कि पांच लाख नौकरी प्रतिवर्ष, बेरोजगारी भत्ता, हर घर में सरकारी नौकरी, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण, किसानों को ₹3,200 प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य और महिलाओं को सम्मान राशि देने जैसे वादे पूरे नहीं हुए। छात्रवृत्ति, पेंशन, जाति प्रमाण पत्र और विस्थापितों को न्याय जैसे मुद्दों पर भी सरकार की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। राज्य में पलायन और मानव तस्करी की समस्या भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। कार्यसमिति ने विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और बजट खर्च को लेकर भी राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया। भाजपा का आरोप है कि पर्याप्त बजटीय प्रावधान के बावजूद विकास कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं दिख रही है। निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास के मोर्चे पर भी सरकार की उपलब्धियां निराशाजनक हैं।

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति ने पिछड़ा वर्ग आयोग से संबंधित ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया अविलंब पूरी कराने और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर संपन्न कराने की मांग की।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल, राष्ट्रीय मंत्री डॉ प्रदीप वर्मा, प्रदेश सह-प्रभारी निवेदिता सिंह, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, रवींद्र कुमार राय, दिनेशानंद गोस्वामी एवं यदुनाथ पाण्डेय सहित अन्य नेता मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

Livevns.news Desk
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