एमएमडीआर संशोधन पर कांग्रेस का पलटवार, कहा- खनिज राजस्व में झारखंड का हित सर्वोपरि

WhatsApp Channel Join Now
एमएमडीआर संशोधन पर कांग्रेस का पलटवार, कहा- खनिज राजस्व में झारखंड का हित सर्वोपरि


रांची, 26 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी की ओर से एमएमडीआर संशोधन का विरोध करने पर झारखंड सरकार पर ‘कोयला चोरी को बढ़ावा देने’ का आरोप लगाए जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस ने पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने शनिवार को कहा कि कानून के पक्ष में ठोस तर्क नहीं होने पर भाजपा नेता जनता को गुमराह करने के लिए चोरी और भ्रष्टाचार जैसे शब्दों का सहारा ले रहे हैं।

राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस का सवाल है कि झारखंड की धरती से निकलने वाले खनिजों पर पहला वैधानिक अधिकार राज्य की जनता का है या केंद्र सरकार का। केवल ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित झारखंड’ का नारा लगाने से राज्य का विकास नहीं होगा। उन्होंने कहा कि झारखंड तभी विकसित होगा, जब उसकी खनिज संपदा से प्राप्त राजस्व का न्यायसंगत हिस्सा राज्य के विकास पर खर्च हो।

सिन्हा ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता एमएमडीआर संशोधन को कारोबारियों की सुविधा और निवेश से जोड़कर वास्तविक मुद्दे से ध्यान हटाने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस यह जानना चाहती है कि राज्यों को खनिज संसाधनों से संबंधित कर और सेस लगाने की प्राप्त वैधानिक शक्तियों को सीमित करने की जरूरत केंद्र को क्यों महसूस हुई।

राकेश सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2024 में उच्चतम न्यायालय के खनिज अधिकारों और कराधान से संबंधित फैसले के बाद यह सवाल और महत्वपूर्ण हो गया है। उच्चतम न्यायालय ने 2024 में स्पष्ट किया था कि रॉयल्टी स्वयं कर नहीं है और खनिज अधिकारों से जुड़े कराधान के मुद्दे पर राज्यों की शक्तियों की अलग संवैधानिक स्थिति है।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब एमएमडीआर संशोधन को लेकर केंद्र और झारखंड सरकार के बीच मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने आज ही राज्य सरकार के विरोध को अवैध खनन और कोयला चोरी से जोड़ते हुए कानून को निवेश, रोजगार और खनन क्षेत्र में पारदर्शिता से संबंधित बताया था।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

Share this story