झारखंड में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करना भी अपराध : आदित्य

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झारखंड में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करना भी अपराध : आदित्य


रांची, 10 अगस्त (हि.स.)। छात्रों को न्याय दिलाने को लेकर उनके समर्थन में भाजपा नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में नेता प्रतिपक्ष की मौजूदगी में मुख्यमंत्री आवास के सामने धरना प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने छात्रहित में सभी भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की सीबीआई से जांच कराने और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।

उल्लेखनीय है कि पिछले 17 दिनों से राज्य भर के छात्र रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में धरना और आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। सरकार से कई दौर की वार्ता के बाद भी उनकी बातों को नहीं माना।

इधर, इस मामले को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि 17 दिनों से राज्य के बच्चे जयपाल सिंह स्टेडियम में धरना और आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं, लेकिन सरकार को सुध लेने की फुर्सत नहीं है। छात्रों के समर्थन में हम सभी बाबूलाल मरांडी के साथ भाजपा के सभी विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता, मुख्यमंत्री से वार्ता करने उनके आवास जा रहे थे। भाजपा नेताओं को मुख्यमंत्री आवास के बाहर ही पुलिस ने रोक दिया, विरोधस्वरूप भाजपा नेता सीएम आवास के बाहर धरना पर बैठ गए। इसके बाद भाजपा नेताओं को डिटेन कर खेलगांव ले जाया गया।

उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार दमनकारी और तानाशाही है। जिस प्रकार भाजपा नेताओं को घसीट-घसीटकर बस में बैठाया गया, वह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। क्या अब राज्य में लोकतांत्रिक तरीके से भी बातें रखने का अधिकार नहीं है। इसका मतलब राज्य सरकार तानाशाही सरकार, दमनकारी सरकार चलना चाहती है। इस सरकार के खिलाफ एक-एक छात्र, एक-एक जनता अब उग्र आंदोलन करेगी। साहू ने छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर कहा कि हेमंत सरकार लाठी के दम पर छात्रों की आवाज दबाना चाहती है। यह बर्बरतापूर्ण कार्रवाई है। अपने हक और अधिकार की मांग कर रहे निहत्थे छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज बेहद शर्मनाक और लोकतंत्र के लिए काला अध्याय है। पहले बारिश में टेंट नहीं लगाने दिया, फिर वाटर कैनन चलाया और अब छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस दिल्ली में धरना प्रदर्शन करती है, प्रधानमंत्री आवास का घेराव करती है। वहीं दूसरी ओर झारखंड में अपनी सरकार के इस दमन पर कांग्रेस का मुंह पूरी तरह बंद है। कांग्रेस और राहुल गांधी में अगर दम है तो वह छात्रों की जो सीबीआई जांच की मांग है, उसे हेमंत सोरेन पर दबाव डालकर पूरा करवाएं या फिर अविलंब राज्य सरकार से अपना समर्थन वापस लें।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड के छात्र पिछले 15 दिनों से अधिक समय से सीबीआई जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। वार्ता के नाम पर सरकार उन्हें टहला रही है। उनकी तबियत खराब हो रही है और सरकार तमाशबीन बनी हुई है। इसी मुद्दे पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, सभी विधायक, पदाधिकारी के साथ हम सब मुख्यमंत्री से मुलाकात कर छात्रों की मांगों पर कार्रवाई की मांग करने जा रहे थे। लेकिन हम सबों को आवास के बाहर ही रोक दिया गया और फिर खेलगांव स्थित कैंप जेल में डिटेन कर दिया गया।

मरांडी ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी की नौकरियों को झामुमो-कांग्रेस की सरकार ने खुलेआम बेचने का काम किया है। यह झारखंड के उन लाखों गरीब, दलित, आदिवासी, ग्रामीण और मेहनतकश युवाओं के साथ अन्याय किया है, जो वर्षों तक कड़ी मेहनत कर नौकरी पाने का सपना देखते हैं। झारखंड के छात्रों के साथ हुए इस अन्याय के खिलाफ भाजपा सड़क से लेकर सदन तक हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी और उन्हें न्याय दिलाकर ही रहेगी।

वहीं नेता प्रतिपक्ष ने झारखंड के छात्रों पर लाठीचार्ज की कार्रवाई को क्रूरता और बर्बरता पूर्ण बताते हुए कहा कि बरस रही हर लाठी झामुमो-कांग्रेस सरकार के ताबूत का आखिरी कील साबित होगी। जितनी क्रूरता और बर्बरता करनी है, सरकार कर ले, लेकिन युवाओं के हौसले के सामने हर दमन पस्त होगा। झामुमो-कांग्रेस सरकार याद रखे, झारखंड के छात्रों पर बरसाई गई हर लाठी का जवाब दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार की इस तानाशाही का करारा जवाब पार्टी देगी। झारखंड के छात्रों को न्याय दिलाने तक केवल रांची ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, बालमुकुंद सहाय, भानु प्रताप शाही, गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी, मनोज सिंह, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, विधायक सीपी सिंह, मनोज यादव, राज सिन्हा, अमित कुमार यादव, आलोक चौरसिया, देवेंद्र कुंवर, शशिभूषण मेहता, नागेंद्र महतो, रौशनलाल चौधरी सहित अन्य नेता और कार्यकर्ता शामिल थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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