झारखंड में घुसपैठियों के लिए डिटेंशन सेंटर बनाए राज्य सरकार : प्रतुल शाहदेव

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झारखंड में घुसपैठियों के लिए डिटेंशन सेंटर बनाए राज्य सरकार : प्रतुल शाहदेव


रांची, 28 मई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार से झारखंड के सीमावर्ती जिलों में मुस्लिम घुसपैठियों के लिए तत्काल डिटेंशन सेंटर स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार की उदासीनता और तुष्टिकरण की नीतियों के कारण झारखंड घुसपैठियों के लिए “सेफ जोन” बनता जा रहा है।

बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रतुल शाहदेव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा घुसपैठियों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश प्रकाश प्रभात नवेलकर की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाना राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार यह स्पष्ट कर चुकी है कि देश की आंतरिक सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

शाहदेव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी माना है कि घुसपैठ का असर जनजातीय समाज की सांस्कृतिक और सामाजिक संरचना पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड के सीमावर्ती जिले पाकुड़, जामताड़ा, दुमका और साहिबगंज लंबे समय से बांग्लादेशी घुसपैठ की समस्या से प्रभावित रहे हैं। अब पश्चिम बंगाल में सख्त कार्रवाई की आशंका के बाद बड़ी संख्या में घुसपैठियों के झारखंड की ओर आने की संभावना बढ़ गई है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी अवैध घुसपैठियों के लिए डिटेंशन सेंटर बनाने की बात कही है। ऐसे में झारखंड सरकार को भी इस गंभीर विषय पर तत्काल कदम उठाना चाहिए।

शाहदेव ने आरोप लगाया कि आसपास के अधिकांश सीमावर्ती राज्यों में भाजपा की सरकार होने और वहां कड़ी निगरानी एवं कार्रवाई के कारण झारखंड घुसपैठियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि 1951 और 2011 की जनगणना के आंकड़ों की तुलना से संथाल परगना क्षेत्र में आदिवासी आबादी में 16 प्रतिशत की कमी और मुस्लिम आबादी में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बदलाव गंभीर चिंता का विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लेकिन हेमंत सरकार के “ढुलमुल रवैये” और तुष्टिकरण की राजनीति के कारण घुसपैठियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने का संदेश जा रहा है।

भाजपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि सीमावर्ती जिलों में तत्काल डिटेंशन सेंटर स्थापित किए जाएं तथा घुसपैठियों की पहचान के लिए विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि इंडियन फॉरेनर्स एक्ट की संबंधित धाराओं के अनुसार संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान और सत्यापन की जिम्मेदारी जिला दंडाधिकारी की होती है। इसलिए राज्य सरकार को सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर व्यापक जांच अभियान शुरू करना चाहिए।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि झारखंड की सामाजिक संरचना, स्थानीय संसाधनों, रोजगार और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच लगातार आवाज उठाती रहेगी और अवैध घुसपैठ के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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