कांग्रेस को काला दिवस मनाने का नैतिक अधिकार नहीं : दीनदयाल बरनवाल

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कांग्रेस को काला दिवस मनाने का नैतिक अधिकार नहीं : दीनदयाल बरनवाल


कांग्रेस को काला दिवस मनाने का नैतिक अधिकार नहीं : दीनदयाल बरनवाल


रांची, 09 अक्टूबर (हि.स.)। झारखंड में कांग्रेस की ओर से 10 अक्टूबर को काला दिवस मनाने के ऐलान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पलटवार किया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल बरनवाल ने कहा कि कांग्रेस को काला दिवस मनाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दिन 25 जून 1975 था, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचल दिया था।

बरनवाल ने कहा कि कांग्रेस किस मुंह से लोकतंत्र की रक्षा की बात करती है, जबकि उसी पार्टी ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र का गला घोंटा, लाखों लोगों को जेल में डाला और प्रेस पर सेंसरशिप लगाई। उन्होंने कहा कि अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही कांग्रेस का आज लोकतंत्र की दुहाई देना हास्यास्पद है।

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का असली दर्द चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता नहीं, बल्कि चुनावों में मिलने वाली हार है। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस चुनाव हारती है, वह चुनाव आयोग, ईवीएम और मतदाता सूची पर सवाल उठाने लगती है। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया चल रही है। यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसके तहत फर्जी और दोहरे मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं। इसके बावजूद कांग्रेस इसका विरोध कर रही है।

बरनवाल ने सवाल उठाया कि यदि चुनावी व्यवस्था में इतनी गड़बड़ी है, तो झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार कैसे बनी और कांग्रेस के विधायक कैसे चुनाव जीते। उन्होंने इसे कांग्रेस का दोहरा चरित्र बताते हुए कहा कि जीतने पर चुनाव आयोग सही और हारने पर गलत नजर आने लगता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को काला दिवस मनाने के बजाय अपने कथित काले कारनामों पर पश्चाताप करना चाहिए और जनता से माफी मांगनी चाहिए। बरनवाल ने झारखंड में भ्रष्टाचार, जमीन घोटाले, खनन घोटाले और ट्रांसफर-पोस्टिंग में कथित वसूली का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। जनता इन मुद्दों से परेशान है और कांग्रेस को नकार चुकी है।

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का यह कार्यक्रम राहुल गांधी के इशारे पर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी पर वोट चोरी के आरोप लगाकर देश में अराजकता फैलाने और विदेश में देश की छवि खराब करने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, झारखंड कांग्रेस के नेता भी इसी रणनीति के तहत काला दिवस मनाने का नाटक कर रहे हैं।

बरनवाल ने कहा कि कांग्रेस के पास न नीति है, न नेता और न ही नीयत। अब उसके पास केवल विरोध की राजनीति बची है। उन्होंने कांग्रेस से काला दिवस मनाने के बजाय झारखंड में अपनी सरकार के कार्यकाल को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। साथ ही उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों को बसाने और कथित तौर पर वोट बैंक के लिए जनसंख्या संतुलन बिगाड़ने के आरोपों पर भी जवाब मांगा।

अंत में बरनवाल ने कांग्रेस के काला दिवस कार्यक्रम की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता है, जिसने बार-बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का विरोध दिवस फ्लॉप रहेगा। साथ ही आरोप लगाया कि झारखंड में काला दिवस के नाम पर सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किया जाएगा।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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