भगवान का भजन करने वाला ही कर सकता है सच्चे प्रेम का अनुभव : आचार्य मृदुल

WhatsApp Channel Join Now
भगवान का भजन करने वाला ही कर सकता है सच्चे प्रेम का अनुभव : आचार्य मृदुल


भगवान का भजन करने वाला ही कर सकता है सच्चे प्रेम का अनुभव : आचार्य मृदुल


रामगढ़, 05 अक्टूबर (हि.स.)। जिमखाना क्लब और रिसॉर्ट में रुंगटा परिवार की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मुख्य यजमान माया रूंगटा, उनके पुत्र अभिषेक, आलोक और आशीष रूंगटा ने सपरिवार व्यासपीठ का पूजन कर स्वागत किया। रांची से पहुंचे रामचंद्र रूंगटा के बड़े भाई रामस्वरूप रूंगटा सहित दीपक रूंगटा और सुशील रूंगटा ने भी आचार्य का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। आचार्य ने उन्हें अंगवस्त्र देकर आशीर्वाद दिया। बांके बिहारी जी की आरती के साथ कथा का शुभारंभ हुआ।

कथा व्यास आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी ने श्रीमद्भागवत के महात्म्य और उसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए वृंदावन के निधिवन और राधा-कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि वृंदावन भोग की भूमि नहीं, बल्कि भगवान की भूमि है। वहां भगवान स्वयं विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि स्वर्ग में पुण्य फल मिलता है, जबकि वृंदावन में प्रेम फल की प्राप्ति होती है। वृंदावन की आध्यात्मिक महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान की भक्ति में स्वयं को समर्पित करने का आह्वान किया।

आचार्य ने नारद जी के प्रसंग के माध्यम से भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की महत्ता समझाई। उन्होंने कहा कि चतुराई छोड़कर मन, वचन और कर्म से भगवान का भजन करने वाला ही सच्चे प्रेम का अनुभव कर सकता है। उन्होंने कहा कि दान और यज्ञ शुभ कर्म हैं, जबकि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन और उसका श्रवण सत्कर्म है। श्रद्धालुओं को भागवत कथा के लिए समय निकालने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि कथा के श्रवण से मनुष्य के भीतर भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का जागरण होता है।

कथा के दौरान आचार्य की ओर से प्रस्तुत सुमधुर भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। ‘श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवाय... और ‘राधे-राधे बोलो, चले आएंगे बिहारी... जैसे भजनों पर श्रद्धालुओं ने भक्ति में नृत्य किया। पूरे कथा पंडाल में ‘राधे-राधे’ के जयघोष गूंजते रहे। कथा के मध्य आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गई, जिसका श्रद्धालुओं ने दर्शन किया।

भागवत भगवान की आरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

Share this story