जलेस ने किया आभासी बंगला कवि सम्मेलन का आयोजन
रांची, 18 जनवरी (हि.स.)।
जलेस, रांची के तत्वावधान में रविवार को पहला आभासी (ऑनलाइन) बंगला कवि सम्मेलन आयोजित किया गया।
इस सम्मेलन में कई कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर साहित्यप्रेमियों को भावविभोर कर दिया। कवियों ने सामाजिक यथार्थ, मानवीय संवेदना, प्रेम, विस्थापन और संघर्ष जैसे विषयों पर कविताएं प्रस्तुत कीं।
इस अवसर पर जलेस रांची के अध्यक्ष कुमार बृजेंद्र ने संगठन की गतिविधियों की जानकारी दी, जबकि सचिव एमजेड खान ने जलेस के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उपाध्यक्ष अपराजिता मिश्रा ने जनजातीय, क्षेत्रीय और बंगला भाषी लेखकों के जुड़ने पर प्रसन्नता जताई। एमजेड ने कहा कि जलेस के इस सम्मेलन ने यह सिद्ध किया कि ऑनलाइन मंच साहित्यिक अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बन सकता है।
कवि सम्मेलन में प्रदीप कुमार प्रमाणिक, माणिक लाल महतो, डॉ अरूपनंद मंडल, सोमनाथ मंडल, डॉ प्रोसेनजीत कर्मकार, भवतारण मंडल, देवराज महतो, शेफाली महतो, प्रोनोति गोस्वामी सहित अन्य लोगों ने कविता पाठ किया।
सम्मेलन की अध्यक्षता रविकांत भकत ने की, जबकि संचालन सुकेशी कर्मकार ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से आलम आरा, फिरदौस जहां, जमशेद कमर, रामदेव बड़ाइक, यास्मीन लाल, ललिता देवगम, विक्की मिंज, शाश्वती सहित कई साहित्य प्रेमी मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

