बीएयू के नौवें दीक्षांत समारोह में 11 विद्यार्थियों को मिला स्वर्ण पदक

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बीएयू के नौवें दीक्षांत समारोह में 11 विद्यार्थियों को मिला स्वर्ण पदक


बीएयू के नौवें दीक्षांत समारोह में 11 विद्यार्थियों को मिला स्वर्ण पदक


रांची, 08 अक्टूबर (हि.स.)। कृषि विश्वविद्यालय का नौवां दीक्षांत समारोह गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में विश्वविद्यालय के विभिन्न विषयों 11 टॉपर विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक मिला।

कार्यक्रम में एमएससी (एग्रोनॉमी) सत्र 2022-23 की छात्रा दरखशां तैयब को सभी पाठ्यक्रमों में सर्वाधिक ओजीपीए 8.953 लाने पर कुलाधिपति स्वर्ण पदक दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलाधिपति सह राज्यपाल संतोष गंगवार थे। उन्होंने टॉपर विद्यार्थियों को मेडल दिया।

अपने ज्ञान का उपयोग किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए करें विद्यार्थी : राज्यपाल

इस अवसर पर कुलाधिपति ने कहा कि देश की समृद्धि किसानों की प्रगति से सीधे जुड़ी हुई है। इसलिए कृषि विश्वविद्यालयों से स्नातक और स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त कर निकलने वाले विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग किसानों एवं कृषि क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं के समाधान में करना चाहिए। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का माध्यम नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अनुसंधान के सकारात्मक परिणाम केवल प्रयोगशालाओं और अनुसंधान फार्म तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका प्रभाव किसानों के खेतों में भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लगभग सभी विश्वविद्यालयों के अपने दौरों के दौरान यह उत्साहजनक प्रवृत्ति देखने को मिली है कि छात्राएं उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज और देश की प्रगति में छात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

गंगवार ने युवा डिग्रीधारकों से किसानों तक तकनीक पहुंचाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि किसान वर्ष में दो से तीन फसलें ले सकें। उन्होंने कहा कि युवाओं को कृषि पेशा की ओर आकर्षित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता के निधन पर भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने बुधवार की रात में लंबी बीमारी के बाद उनके निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की एवं झारखंड के निर्माण और विकास में सोरेन परिवार के योगदान को याद किया।

खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका और राष्ट्रीय विकास की आधारशिला है कृषि : कुलपति

वहीं बीएयू के कुलपति डॉ एससी दुबे ने कहा कि कृषि केवल एक व्यवसाय नहीं है, बल्कि यह खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका और राष्ट्रीय विकास की आधारशिला है। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने जीवन का मूल्यांकन केवल प्राप्त पद, अर्जित वेतन या मिली प्रतिष्ठा से न करें, बल्कि इस आधार पर करें कि उन्होंने कितने लोगों के जीवन में सुधार किया, कितने लोगों की सहायता की, कितना ज्ञान साझा किया और किन मूल्यों को अपनाया।

कुलपति ने बताया कि बीएयू के वैज्ञानिकों ने पिछले वर्ष 1.11 लाख से अधिक किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी पहुंचाई एवं 10 उन्नत फसल किस्में विकसित कर जारी की।

इन छात्र-छात्राओं को मिला स्वार्ण पदक

स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों में अर्जुन कुमार अग्रवाल (पीएचडी, जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग), उदीशा भानु (एमएससी, वानिकी), प्रिंसी (एमबीए, एग्रीबिजनेस) और दरखशां तईयब (एमएससी, एग्रोनॉमी) शामिल हैं।

वहीं स्नातक कार्यक्रमों में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में विशाल कुमार (बीएससी, कृषि), आयुष कुमार सिंह (बीटेक, कृषि अभियांत्रिकी), अर्पित राज (बीएससी, उद्यानिकी), निहाल प्रत्यूष (बीवीएससी एवं एएच), अनन्या (बीएससी, मात्स्यिकी विज्ञान) तथा मधु प्रिया (बीएससी, वानिकी) शामिल हैं।

कुल मिलाकर 335 स्नातक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गई। इनमें कृषि संकाय के 231, वानिकी संकाय के 24 और पशु चिकित्सा एवं पशुपालन संकाय के 80 विद्यार्थी शामिल हैं। इसके अलावा 48 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर और चार विद्यार्थियों को पीएचडी की डिग्री दी गयी।

कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव डॉ शैलेश चट्टोपाध्याय ने किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

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