बाबूलाल ने पत्रकार मामले में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की जांच की मांग

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बाबूलाल ने पत्रकार मामले में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की जांच की मांग


रांची, 01 अक्टूबर (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। पत्र के जरिये बाबूलाल ने पुलिस उपमहानिरीक्षक आलोक प्रियदर्शी की ओर से रांची के अशोक नगर इलाके में पत्रकार सैयद शरीफ इब्राहिम एवं उनके परिवारों के साथ रास्ता अवरूद्ध करने तथा पद एवं प्रभाव के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई करने की मांग की है।

उन्होंने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को सारी स्थिति से अवगत कराते हुए इस गंभीर प्रकरण का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है। ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और राज्य में कानून के शासन के प्रति आम जनता का विश्वास कायम रहे।

बाबूलाल ने पत्र में लिखा है कि झारखंड की राजधानी रांची के अशोक नगर, रोड नंबर-1 में निवास करने वाले पत्रकार सैयद शरीफ इब्राहिम एवं उनके परिवार द्वारा पुलिस उपमहानिरीक्षक आलोक प्रियदर्शी पर लगाए गए गंभीर आरोपों की ओर आपका ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हूं। इस संबंध में पीड़ित परिवार की ओर से थाना प्रभारी, अरगोड़ा को लिखित शिकायत दी गई है तथा आपको भी अपनी पीड़ा से अवगत कराया गया है जिसकी प्रति आपके अवलोकनार्थ संलग्न है।

प्राप्त शिकायतों के अनुसार सैयद शरीफ इब्राहिम का परिवार लगभग पांच दशकों से अशोक नगर स्थित अपनी पैतृक भूमि पर निवास कर रहा है। परिवार का दावा है कि स्वीकृत भवन नक्शे एवं संबंधित दस्तावेजों में अशोक नगर सोसाइटी की ओर से लगभग 40 फीट चौड़ा रास्ता दर्शाया गया है, जिसका उपयोग परिवार लंबे समय से आवागमन के लिए करता रहा है। मेरे निजी संज्ञान में भी यह तथ्य है कि संबंधित रास्ता वर्ष 1964 से खुला और उपयोग में रहा है।

पत्र में दावा किया गया है कि पीड़ित परिवार और मासूम बच्चों को झूठे केस में फंसाने, जेल भिजवाने और जान से मारने की धमकियां दी गईं। इसके अलावा हथियार दिखाकर डराने और धार्मिक पहचान को लेकर अभद्र टिप्पणियां करने की शिकायत भी की गई है। बाबूलाल मरांडी ने जोर देकर कहा कि यह केवल दो पक्षों का मामूली भूमि विवाद नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों और कानून के राज का मामला है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर पद व प्रभाव के दुरुपयोग का आरोप लगे, तो निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना सरकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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