कांग्रेस बताए कि वह विकसित भारत और भगवान राम से नफ़रत क्यों करती है ? : बाबूलाल
रांची, 05 दिसंबर (हि.स.)। झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पार्टी द्वारा विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी जीरामजी) योजना के विरोध को लेकर हमला बोला है।
मरांडी ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि यह योजना गरीब, जनजाति और पिछड़े वर्ग को रोजगार और गरिमा देने के उद्देश्य से लाई गई है, लेकिन कांग्रेस को गरीबों के हित की योजनाएं रास नहीं आतीं। उन्होंने कहा कि नई योजना के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को अब सालाना 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। साथ ही काम नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को केवल उन्हीं योजनाओं से लगाव है, जिनमें लूट और भ्रष्टाचार की गुंजाइश हो।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस जिस मनरेगा की बात कर रही है, उस पर सबसे अधिक खर्च प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने किया है। उन्होंने बताया कि अब तक देश में मनरेगा पर 11.74 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जिनमें से 8.53 लाख करोड़ रुपये मोदी सरकार के कार्यकाल में खर्च किए गए हैं।
मरांडी ने कहा कि कांग्रेस जिस योजना के नाम बदलने पर हंगामा कर रही है, उसका नाम शुरू से महात्मा गांधी के नाम पर नहीं था। वर्ष 1980 में इंदिरा गांधी सरकार ने इसे राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम नाम दिया, बाद में राजीव गांधी सरकार ने जवाहर रोजगार योजना किया और डॉ. मनमोहन सिंह सरकार के दौरान 2004 में नरेगा तथा 2005 में मनरेगा नाम रखा गया।
बाबूलाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ग्रामीण आवास योजना को इंदिरा आवास योजना और ग्रामीण विद्युतीकरण योजना को राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना नाम दिया। झारखंड में भी कांग्रेस समर्थित सरकार ने अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर चल रहे अटल क्लीनिक का नाम बदल दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारें योजनाओं का नाम नेहरू-गांधी परिवार के नाम पर रखने में विश्वास करती रही हैं, जबकि मोदी सरकार का मंत्र है— नाम नहीं, काम बोले।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। 2005 के बाद ग्रामीण भारत में कनेक्टिविटी और आजीविका के स्वरूप में बदलाव आया है, ऐसे में पुराने ओपन-एंडेड मॉडल की जगह नई जरूरतों के अनुरूप योजना लाई गई है।
उन्होंने दावा किया कि वीबी जीरामजी गारंटी योजना में रियल-टाइम डेटा अपलोड, मोबाइल मॉनिटरिंग, एआई आधारित फ्रॉड डिटेक्शन और साप्ताहिक मजदूरी भुगतान की व्यवस्था की गई है। खेती के मौसम में 60 दिन का कार्य अवकाश रहेगा, जिससे फर्जीवाड़ा रुकेगा। उन्होंने कहा कि नई योजना किसान और मजदूर दोनों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
मरांडी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विकसित भारत और भगवान श्रीराम के नाम से भी नफरत करती है, इसी कारण योजना का विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश की सैकड़ों संस्थाओं, योजनाओं और पुरस्कारों के नाम गांधी परिवार से जोड़े, जबकि मोदी सरकार ने नामों को सेवा और कर्तव्य से जोड़ा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने या परिवार के नाम पर किसी योजना का नाम नहीं रखा, बल्कि राजपथ को कर्तव्य पथ, रेस कोर्स रोड को लोक कल्याण मार्ग और पीएमओ को सेवा तीर्थ से जोड़ा है।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

