विश्व सिकल सेल दिवस पर सदर अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम
रांची, 19 जून (हि.स.)। विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर शुक्रवार को रांची सदर अस्पताल में सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, चिकित्सकों, विशेषज्ञों और स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया तथा बीमारी की पहचान, रोकथाम और उपचार को लेकर लोगों को जागरूक किया।
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार, राज्य नोडल पदाधिकारी (ब्लड सेल) डॉ. प्रमोद कुमार सिन्हा, राज्य नोडल पदाधिकारी (आईईसी सेल) डॉ. राहुल किशोर सिंह, राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. पंकज, हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक रंजन, डॉ. ए.के. झा सहित अन्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक बीमारी है, लेकिन समय पर जांच और उचित उपचार से इसके प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल सहित राज्य के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सिकल सेल एनीमिया की जांच निःशुल्क उपलब्ध है। साथ ही गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच में भी सिकल सेल स्क्रीनिंग को शामिल किया गया है, ताकि बीमारी की समय रहते पहचान की जा सके।
हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक रंजन ने कहा कि झारखंड में सिकल सेल जीन का प्रसार अपेक्षाकृत अधिक है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी से प्रभावित मरीजों को हाथ-पैर, पेट और छाती में तेज दर्द, बार-बार बुखार, खून की कमी तथा संक्रमण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मरीजों के लिए हाइड्रॉक्सी यूरिया, फोलिक एसिड, आवश्यक टीकाकरण और नियमित चिकित्सकीय परामर्श को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
राज्य नोडल पदाधिकारी (आईईसी सेल) डॉ. राहुल किशोर सिंह ने कहा कि जन-जागरूकता और नियमित जांच के माध्यम से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।
राज्य नोडल पदाधिकारी (ब्लड सेल) डॉ. प्रमोद कुमार सिन्हा ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक गंभीर आनुवंशिक विकार है, जो दीर्घकालिक एनीमिया, तीव्र दर्द, रक्त वाहिकाओं में अवरोध तथा विभिन्न अंगों को क्षति पहुंचा सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य में शीघ्र ही विशेष सर्वेक्षण एवं जांच अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत 0 से 5 वर्ष तथा 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की निःशुल्क जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार की ओर से सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित मरीजों के लिए निःशुल्क रक्त और आवश्यक वैक्सीन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने सिकल सेल एनीमिया की समय पर पहचान, परामर्श, उपचार और रोकथाम के उपायों की जानकारी दी। साथ ही उपस्थित लोगों को इस बीमारी से जुड़े मिथकों और भ्रांतियों से बचने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह ने सभी पदाधिकारियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं नर्सिंग स्कूल की छात्राओं का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।---------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

