युवा पीढ़ी को ड्रग्स की लत से बचाने के लिए जागरुकता जरूरी : सचिव

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युवा पीढ़ी को ड्रग्स की लत से बचाने के लिए जागरुकता जरूरी : सचिव


युवा पीढ़ी को ड्रग्स की लत से बचाने के लिए जागरुकता जरूरी : सचिव


रामगढ़, 30 मई (हि.स.)। रामगढ़ कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन शनिवार को हुआ।

संगोष्ठी का विषय रोल ऑफ सोशल मीडिया एंड ड्रग एब्यूज अवेयरनेस फोर ए सेफर जेनरेशन' रखा गया था।

संगोष्ठी में शामिल झारखंड कार्मिक विभाग के सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो ने कहा कि ड्रग्स लेना शुरू करना आसान है पर छोड़ना बहुत मुश्किल है। अतः इसकी लत ही न लगने दें। आसपास के लोगों के साथ सामाजिक जीवन को बरकरार रखते हुए ही हम ड्रग्स एब्यूज और सोशल मीडिया के दुष्परिणाम से लोगों को बचा सकते हैं।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रामगढ़ डीसी ऋतुराज ने कहा कि ड्रग्स को लेकर खुलकर बात होनी चाहिए। रामगढ़ कॉलेज का यह प्रयास सराहनीय है।

विशिष्ट अतिथि विनोबा भावे विश्वविद्यालय के सीसीडीसी प्रो मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा कि साम्राज्यवादी और पूंजीवादी शक्ति की साजिश से नशाखोरी बढ़ रही है। उन्होंने आगे कहा कि यह सच है कि अमेरिका के इशारे पर ब्राउन शुगर और हीरोइन की बिक्री का रास्ता साफ करने के लिए गांजा और अफ़ीम पर प्रतिबंध लगाया गया। उन्होंने कहा कि लाभ के चक्कर में समाज को नशे की खाई में धकेला जा रहा है। इसलिए साम्राज्यवादी और पूंजीवादी शक्ति की साजिश को समझना होगा।

संसाधन सेवी के रूप में उपस्थित दूरदर्शन रांची के संयुक्त निदेशक दिवाकर कुमार ने कहा कि देश की विकास में भूमिका निभाना चाहते हैं तो नशामुक्ति अभियान में अपनी भूमिका निभाएं। अच्छा हो या खराब, देश और दुनिया को आज के युवा ही कुछ दे सकते हैं। युवाओं को गलत लत से बचना होगा।

विनोबा भावे विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की समन्वयक डॉ जॉनी रूफीना तिर्की ने कहा कि मेडिसिन का दुरुपयोग ही ड्रग्स एडिक्शन है। मेडिसिन जब तक इलाज के लिए लेते हैं तब तक ठीक है। लेकिन जैसे ही आदत बन जाती है, वही नशा है। कंट्रोल से दवा नहीं लेंगे तो दवा ही हमें कंट्रोल करने लगती है, यही है एडिक्शन।

समापन सत्र की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्या डॉ रत्ना पाण्डेय ने किया और संचालन डॉ कामना राय और डॉ अनामिका ने संयुक्त रूप से किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

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