नारी शक्ति की मिसाल बनीं आशा मालवीय : एसपी
रामगढ़, 29 मार्च (हि.स.)। पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजय कुमार ने रविवार काे राष्ट्रीय साइक्लिस्ट आशा मालवीय से मुलाकात कर उनके साहस और संघर्ष की सराहना की है। छावनी फुटबॉल ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में एसपी ने उन्हें सम्मानित करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद जिस तरह आशा ने अपने सपनों को उड़ान दी है, वह हर युवती के लिए प्रेरणा है। मौके पर डीएफ़ओ नीतीश कुमार भी मौजूद थे।
आशा मालवीय इन दिनों एक विशेष मिशन पर हैं। जयपुर से अरुणाचल प्रदेश के कीबिथू तक लगभग 7800 किलोमीटर की साइक्लिंग यात्रा करनी है। अब तक वे 5200 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर रामगढ़ पहुंच चुकी हैं। उनकी यह यात्रा सिर्फ दूरी का आंकड़ा नहीं, बल्कि एक संदेश है। महिला सुरक्षा, आत्मविश्वास, राष्ट्रीय एकता की वह मिशाल है।
मध्य प्रदेश के एक साधारण परिवार से आने वाली आशा का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। मजदूरी कर परिवार चलाने वाली मां की बेटी ने अपने हौसले से न सिर्फ खेल जगत में पहचान बनाई, बल्कि समाज में भी एक नई सोच पैदा की। 64,000 किलोमीटर से अधिक कुल साइक्लिंग अनुभव 26,000 किलोमीटर की भारत यात्रा पूरी कर, सियाचिन और उमलिंगला जैसे कठिन इलाकों को पार उनकी कहानी यह साबित करती है कि संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि हौसले की कमी इंसान को रोकती है।
आशा मालवीय को अब साइक्लिंग शेरनी और आयरन गर्ल के नाम से जाना जाता है। उनकी हर यात्रा के पीछे एक बड़ा उद्देश्य छिपा होता है—समाज को जागरूक करना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना। उनका वर्तमान मिशन देश के पश्चिम से पूर्व तक एकता और नारी सशक्तिकरण का संदेश फैलाना है। एसपी अजय कुमार ने उनके जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी बेटियां देश का गौरव हैं, जो अपने दम पर इतिहास लिख रही हैं। इनके प्रयास युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

