रामगढ़ में 44 लाख के साइबर ठगी में शामिल एक और आरोपित गिरफ्तार

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रामगढ़ में 44 लाख के साइबर ठगी में शामिल एक और आरोपित गिरफ्तार


रामगढ़ में 44 लाख के साइबर ठगी में शामिल एक और आरोपित गिरफ्तार


रामगढ़, 30 मई (हि.स.)। साइबर अपराध थाना पुलिस ने 44 लाख रुपये के संदिग्ध साइबर लेन-देन से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपित के पास से चार मोबाइल फोन और चार फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं। जिनका उपयोग कथित रूप से साइबर अपराध को अंजाम देने में किया जा रहा था। यह जानकारी शनिवार को साइबर थाना प्रभारी सह मुख्यालय डीएसपी अकरम रजा ने दी।

उन्होंने बताया कि साइबर अपराध से जुडे पूर्व के मामले में गिरफ्तार अभियुक्त विकास कुमार उर्फ विकास यादव से पूछताछ के दौरान निखिल कुमार की संलिप्तता सामने आई थी। इसके बाद एसपी से प्राप्त मानवीय एवं तकनीकी सूचनाओं के आधार पर आरोपित की गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।

डीएसपी अकरम रजा ने बताया कि गठित टीम ने सूर्यानगर निवासी निखिल कुमार (27) को उसके घर से गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए। इनमें दो मोबाइल में चार फर्जी सिम कार्ड सक्रिय पाए गए, जबकि दो सैमसंग मोबाइल इंटरनेट कॉलिंग के लिए उपयोग किए जा रहे थे। तकनीकी जांच में सभी सिम कार्ड फर्जी दस्तावेजों पर जारी पाए गए।

पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल में से एक मोबाइल का उपयोग मामले की वादिनी के बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर को सक्रिय करने में किया गया था।

डीएसपी ने बताया कि जांच में यह तथ्य सामने आया है कि वादिनी के खाते में बैंकिंग, यूपीआई और नेट बैंकिंग के माध्यम से लगभग 44 लाख रुपये की संदिग्ध राशि मंगवाई गई थी। पुलिस अब इस पूरे वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ते हुए राशि के स्रोत, लाभार्थियों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान में जुटी है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि साइबर अपराध को अंजाम देने के लिए फर्जी सिम कार्ड और इंटरनेट कॉलिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा था।

बरामद दो सैमसंग मोबाइल फोन विशेष रूप से इंटरनेट कॉलिंग के लिए प्रयुक्त किए जा रहे थे। पुलिस ने सभी मोबाइल फोन और सिम कार्ड जब्त कर तकनीकी एवं फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है।

डीएसपी अकरम रजा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल डेटा का विश्लेषण कर पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, लिंक, ओटीपी या बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साथ ही संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाना को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

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