राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के जरिए हमें सोचना होगा अपनी भागीदारी के बारे में : स्पीकर

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राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के जरिए हमें सोचना होगा अपनी भागीदारी के बारे में : स्पीकर


राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के जरिए हमें सोचना होगा अपनी भागीदारी के बारे में : स्पीकर


रांची, 07 अप्रैल (हि.स.)। झारखंड विधानसभा के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ, झारखंड शाखा की वार्षिक आम बैठक मंगलवार को आयोजित की गई।

बैठक की शुरुआत अध्यक्ष, झारखंड विधानसभा सह सभापति, राष्ट्रमंडल संसदीय संघ, झारखंड शाखा रबींद्रनाथ महतो ने प्रारंभिक वक्तव्य से की।

अध्यक्ष ने राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की स्थापना और संगठन की भूमिका के संबंध में कहा कि वर्ष 1911 में गठित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ 56 देशों का भव्य संगठन बनकर उभरा है जो संयुक्त राष्ट्र संघ के बाद दूसरा सबसे बड़ा संगठन है। सुशासन लोकतंत्र एवं मानव अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए और विधायिकाओं की क्षमता का विकास करता है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ जैसे बड़े संगठन में हम अपनी उपस्थिति दर्ज कराने तक सिमित न होकर, ऐसे सम्मेलन से राष्ट्र की तरक्की में हम अपनी भागीदारी किस तरह निभा पाएं इसपर भी हमें सोचना चाहिए।

आगामी सम्मेलन के संबंध में उन्होंने बैठक में बताया कि सीपीए का 69 वां सम्मेलन दक्षिण अफ्रिका के केपटाउन शहर में आयोजित होगी।

वहीं बैठक में उपस्थित संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि विगत कई दिनों से ईरान, ईजराइल और अमेरिका के बीच युद्ध जारी है। तीनों देशों के बीच युद्ध का परिणाम विश्व के अन्य देशों को झेलना पड़ रहा है। महंगाई बढ़ गई है। आम लोग गैस की किल्लत का सामना कर रहे हैं। अन्य प्रकार की आर्थिक क्षति का सामना भी विभिन्न देशों को करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के बाद राष्ट्रमंडल संसदीय संघ विश्व का दूसरा व्यापक लोकतांत्रिक मंच माना जाता है।

राष्ट्रमंडल संसदीय संघ का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना और मानवाधिकारों एवं समावेशी शासन को बढ़ावा देना है। राष्ट्रमंडल संसदीय संघ में विश्व के 56 से अधिक देशों की सहभागिता है और 180 से अधिक शाखाओं का एक विशाल नेटवर्क है।

राष्ट्रमंडल संसदीय संघ को अपने उद्देश्यों को अस्तित्व देने के लिए मूकदर्शक बने रहने के बजाय युद्ध समाप्त करने और वैश्विक स्तर पर शांति स्थापित करने की दिशा में हस्तक्षेप करना चाहिए।

बैठक में सीपीए झारखंड शाखा के पूर्व सदस्य रामदास सोरेन और रामचंद्र नायक के निधन पर एक मिनट का मौन धारण भी किया गया।

प्रभारी सचिव झारखंड विधानसभा सह सचिव राष्ट्रमंडल संसदीय संघ झारखंड शाखा रंजीत कुमार ने बैठक में वार्षिक लेखा जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंशने बताया कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ झारखंड शाखा के सदस्यों की संख्या वर्तमान में 146 है।

बैठक में संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, सांसद चंद्नप्रकाश चौधरी, सदस्य सीपी सिंह, रामचंद्र सिंह, डॉ नीरा यादव, राज सिन्हा, उदय शंकर सिंह, सबिता महतो, नागेन्द्र महतो, नमन बिक्सल कोनगाड़ी, भूषण ब़ड़ा, सहित सीपीए झारखंड शाखा से जुड़े झारखंड विधानसभा के अधिकारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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