चुनाव आयुक्त पर आरोप लगने के बाद जवाबदेही तय करना जरूरी : दीपांकर

WhatsApp Channel Join Now
चुनाव आयुक्त पर आरोप लगने के बाद जवाबदेही तय करना जरूरी : दीपांकर


- भाकपा माले महासचिव ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग का उठाया मुद्दा- प्रवासी मजदूरों के शोषण और छात्र आंदोलनों को लेकर भी जताई चिंता

रांची, 26 अक्टूबर (हि.स.)। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा कि चुनाव आयोग के भीतर से ही वोट चोरी की कथित घटनाओं के सामने आने के बाद पूरे देश में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जोर पकड़ रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब चुनाव आयोग पर इतने गंभीर आरोप लगें, तो जवाबदेही तय करना बहुत जरूरी है।

दीपांकर भट्टाचार्य सोमवार को रांची के मेन रोड स्थित काली मंदिर के पास पार्टी के राज्य कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार को सीमित करने के लिए विभिन्न शर्तों के साथ पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर कराने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।

दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। इस संदर्भ में उन्होंने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की केंद्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की ओर से पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से इनकार किए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।

निरसा के विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि झारखंड में शिक्षा और रोजगार से जुड़े आंदोलनों में आइसा लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। जेपीएससी और जेएसएससी सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से संबंधित हालिया आंदोलनों में संगठन ने छात्रों की मांगों को प्रमुखता से उठाया और सरकार पर उचित निर्णय लेने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह न्यायालय में छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सही तथ्यों और ठोस तर्कों के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत करे।

प्रेस वार्ता में पार्टी के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने झारखंड के प्रवासी मजदूरों की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर गिरिडीह जिले से गुजरात गए मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। उनसे निर्धारित आठ घंटे के बजाय 12 घंटे तक काम लिया जा रहा है और साप्ताहिक अवकाश भी नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कपड़ा मिलों सहित विभिन्न कारखानों में मजदूरों को रविवार को भी छुट्टी नहीं मिल रही है। श्रमिकों के सम्मानजनक रोजगार और अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए गए कानूनों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के बजाय उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है।

प्रेस वार्ता में पार्टी के राज्य सचिव मनोज भक्त और सिंदरी के विधायक चंद्रदेव महतो सहित अन्य नेता उपस्थित थे।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

767305 Articles

Share this story