झारखंड में कृषि नियोजन को मिलेगा नया आयाम : शिल्पी

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झारखंड में कृषि नियोजन को मिलेगा नया आयाम : शिल्पी


रांची, 08 सितंबर (हि.स.)। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के नेपाल हाउस स्थित कार्यालय में मंगलवार को राज्‍य में कृषि को वैज्ञानिक, सटीक और जलवायु-अनुकूल बनाने के लिए इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीचच्यूटट फॉर द सेमी-एरीड ट्रॉपिक्सक (आईसीआरआईएसएटी) के अधिकारियों के साथ बैठक हुई।

बैठक में कृषि नियोजन और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि झारखंड की विविध भौगोलिक, मिट्टी, वर्षा और जल उपलब्धता को देखते हुए पूरे राज्य के लिए एक जैसी कृषि रणनीति प्रभावी नहीं हो सकती। क्षेत्र विशेष के अनुसार फसल, बीज और योजनाओं का निर्धारण जरूरी है। आईसीआरआईएसएटी के तहत झारखंड में कृषि नियोजन को नया आयाम मिलेगा।

आईसीआरआईएसएटी के अधिकारियों ने जियो-स्पेशियल टेक्नोलॉजी, जीआईसी, सैटेलाइट इमेजरी और मशीन लर्निंग के जरिए फसल और भूमि की सटीक मैपिंग की संभावनाओं पर प्रस्तुति दी। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में उगाई जा रही फसलों, भूमि की उपयुक्तता, अपलैंड क्षेत्रों की खेती और क्रॉपिंग इंटेंसिटी का वैज्ञानिक डेटा तैयार किया जा सकेगा। इससे विभाग की सीमित फील्ड जानकारी पर निर्भरता कम होगी।

बैठक में मिट्टी की बढ़ती अम्लीयता और घटती उर्वरता पर भी चर्चा हुई। सैटेलाइट और जीआईसी आधारित डेटा से मिट्टी के पीएच सुधार, चूना उपचार, जैविक प्रबंधन और जलवायु-सहिष्णु बीजों को बढ़ावा देने की रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया।

मंत्री ने कहा कि सटीक भूमि एवं फसल डेटा सिंचाई सहित अन्य विभागों के लिए भी उपयोगी होगा और इससे किसानों की आय, फसल विविधीकरण तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग में मदद मिलेगी। बैठक में कृषि सचिव अबूबकर सिद्दीकी, विशेष सचिव गोपाल जी तिवारी और कृषि निदेशक विद्यानंद पंकज सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

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