जमशेदपुर हत्याकांड : भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाकात, सीबीआई जांच की मांग
रांची, 07 जुलाई (हि.स.)। जमशेदपुर में करनी सेना के नेता हिमांशु सिंह की हत्या तथा एक अन्य युवक पर हुए जानलेवा हमले के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने घटना को राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने और घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में आदित्य साहू ने कहा कि 27 जून को जमशेदपुर में हुई घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। उनके अनुसार, हमलावरों ने पुलिस की मौजूदगी में दो युवकों पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जान बचाने के प्रयास में दोनों युवक पुलिस वाहन तक पहुंचे, लेकिन हमलावर वहां भी पहुंच गए और हमला जारी रखा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने एक युवक को पुलिस वाहन से बाहर खींचकर उसकी हत्या कर दी, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक का उपचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि घटना की गंभीरता और परिस्थितियों को देखते हुए पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
आदित्य साहू ने घटना के दौरान पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय पर प्रभावी कार्रवाई की जाती तो संभवतः युवक की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने मांग की कि हमलावरों के साथ-साथ उस समय ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका की भी गहन जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही, कर्तव्य में चूक या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
साहू ने कहा कि मामले की जांच राज्य की अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) के बजाय केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी जानी चाहिए, ताकि जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर किसी प्रकार का संदेह न रहे तथा पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। भाजपा ने सभी आरोपितों के विरुद्ध त्वरित कानूनी कार्रवाई कर उन्हें शीघ्र कठोर सजा दिलाने की भी मांग की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि यदि जांच में संबंधित बार संचालक की किसी प्रकार की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह जांच कराने की मांग की कि संबंधित बार को लाइसेंस किन परिस्थितियों में जारी किया गया था और क्या लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुरूप थी।
आदित्य साहू ने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने के लिए राज्य सरकार को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कानून का राज कायम रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उल्लेखनीय है कि 27 जून को जमशेदपुर में हुई इस घटना के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मामले की जांच फिलहाल जारी है। भाजपा की ओर से उठाई गई मांगों पर राज्य सरकार या झारखंड पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
--------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

