सभी थाना प्रभारी संवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर सीसीटीवी कैमरे लगाने का तैयार करें प्रस्ताव : एडीजी
रांची, 01 जून (हि.स.)। अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय (एडीजी ) सह पुलिस महानिरीक्षक मनोज कौशिक ने सोमवार को रांची के पुलिस कार्यालय कक्ष में विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं अनुसंधान से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की।
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची, पुलिस अधीक्षक (नगर), पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), अपर पुलिस अधीक्षक (कोतवाली), सभी पुलिस उपाधीक्षक एवं जिले के सभी थाना प्रभारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान जिले की विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, अनुसंधान की प्रगति और विभिन्न विशेष अभियानों की विस्तृत समीक्षा की गई। अपर पुलिस महानिदेशक सह पुलिस महानिरीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि अपने-अपने थाना क्षेत्रों में ऐसे संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्थलों को चिन्हित करें, जहां अपराध नियंत्रण एवं निगरानी के उद्देश्य से सीसीटीवी कैमरों की आवश्यकता है। साथ ही, पूर्व से स्थापित सीसीटीवी कैमरों की समीक्षा करते हुए अतिरिक्त आवश्यक स्थलों का चयन कर वहां बेहतर गुणवक्ता का सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिले में कार्यरत पीसीआर, टाइगर मोबाइल, शक्ति कमांडो, हाईवे पेट्रोलिंग एवं अन्य गश्ती दलों के कार्यों की समीक्षा की गई। गश्ती व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।
अनुसंधान संबंधी मामलों की समीक्षा के क्रम में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित कांडों के अनुसंधान, पीड़ितों को विधिसम्मत सहायता उपलब्ध कराने, समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने और निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप कांडों के निष्पादन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। लंबित कांडों के शीघ्र निष्पादन, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग तथा आरोप-पत्रों के समय पर समर्पण पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में गुमशुदा बच्चों से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। इस संबंध में मानक कार्यप्रणाली (एसओपी ) के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने, प्रत्येक मामले में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने तथा बच्चों की शीघ्र बरामदगी के लिए निर्देश दिया गया।
एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए मादक पदार्थों के अवैध व्यापार एवं तस्करी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। सभी पुलिस उपाधीक्षकों एवं थाना प्रभारियों को मादक पदार्थों की बिक्री, परिवहन और वितरण से संबंधित सूचनाओं का संकलन कर उसके आधार पर प्रभावी छापेमारी एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने करने के लिए निर्देशित किया गया। विशेष रूप से विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास के क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा आवश्यकतानुसार विशेष अभियान एवं छापेमारी चलाने का निर्देश दिया गया।
इसके अतिरिक्त 10 जून से 25 जून तक जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित करने का निर्देश दिया गया, ताकि युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा सके।
बैठक में संगठित अपराध, रंगदारी, आपराधिक गिरोहों एवं अन्य आपराधिक गैंगों की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उनके विरुद्ध प्रभावी एवं निरंतर कार्रवाई करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सक्रिय अपराधियों की पहचान, उनके आर्थिक एवं आपराधिक नेटवर्क का विश्लेषण और विधिसम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
भूमि संबंधी अपराधों एवं भू-माफियाओं से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए ऐसे मामलों में त्वरित अनुसंधान एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई करने तथा ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के अंत में अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, संगठित अपराधियों एवं आपराधिक गिरोहों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई तथा उत्कृष्ट पुलिस कार्य के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक (नगर), को अपर पुलिस महानिदेशक ने प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया ।
साथ ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के उन अनुसंधानकर्ताओं को भी प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया, जिनके जरिये महत्वपूर्ण कांडों का सफल उद्भेदन किया गया, आरोपितों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई तथा अनुसंधान पूर्ण कर समयबद्ध रूप से आरोप-पत्र समर्पित किया गया।
अपर पुलिस महानिदेशक ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को जनता के प्रति संवेदनशील, जवाबदेह एवं पेशेवर दृष्टिकोण अपनाते हुए अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था संधारण तथा गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान सुनिश्चित करने के लिए सतत प्रयासरत रहने का निर्देश दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

