कई अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों पर पर सेवा देने वाले चिकित्सकों के खिलाफ होगी कार्रवाई

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कई अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों पर पर सेवा देने वाले चिकित्सकों के खिलाफ होगी कार्रवाई


रांची, 22 जून (हि.स.)। झारखंड में बेटियों को बचाने, लिंगानुपात में सुधार लाने और अवैध रूप से भ्रूण का लिंग निर्धारण करने वाले केंद्रों पर पूरी तरह नकेल कसने के उद्देश्य से साेमवार काे नामकुम स्थित आरसीएच कॉन्फ्रेंस हॉल में पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के अंतर्गत दो अत्यंत महत्वपूर्ण राज्यस्तरीय बैठकों का आयोजन किया गया।

इन दोनों बैठकों का संचालन स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। पहली महत्वपूर्ण बैठक पीसी एंड पीएनडीटी राज्य सलाहकार समिति एवं राज्य समुचित प्राधिकारी की आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने किया। वहीं, दूसरी बैठक पीसी एंड पीएनडीटी राज्य निरीक्षण और अनुश्रवण समिति की आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ सिद्धार्थ सान्याल ने की। इन बैठकों में नवनियुक्त और सदस्यों का ओरिएंटेशन किया गया और उन्हें इस कड़े कानून के महत्वपूर्ण प्रावधानों, तकनीकी पहलुओं एवं उनके उत्तरदायित्वों से विस्तार से अवगत कराया गया।

एक चिकित्सक अधिकतम दो ही अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर दे सकेंगे सेवा

इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली आगामी राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड की बैठक के मुख्य एजेंडों की रूपरेखा भी सर्वसम्मति से तैयार की गई।

बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए यह स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किया गया कि कोई भी एक चिकित्सक अधिकतम दो ही अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर अपनी सेवा दे सकते हैं। विभाग की ओर से राज्य भर के ऐसे चिकित्सकों की सूचना को गंभीरता से फिल्टर किया जा रहा है जो नियमों का उल्लंघन कर दो से अधिक केंद्रों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे डॉक्टरों को अविलंब चिन्हित कर उनके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के दौरान राज्य में पीसी एंड पीएनडीटी कानून के क्रियान्वयन की प्रगति रिपोर्ट भी साझा की गई, जिसके अनुसार मार्च 2026 तक राज्य में कुल 1161 अल्ट्रासाउंड क्लीनिक क्रियाशील हैं। कानून को कड़ाई से लागू करने के लिए अब तक जिला सलाहकार समिति की 108 बैठकें की जा चुकी हैं, जबकि विभिन्न जिलों में कुल 718 अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों का सघन निरीक्षण किया गया है।

राज्य भर में 30 क्लीनिकों के लाइसेंस निलंबित

नियमों के उल्लंघन और अनियमितता पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए राज्य भर में 30 क्लीनिकों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि 01 केंद्र को सील और जब्त किया गया है एवं 01 मामले में न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई गई है।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने राज्य में अवैध लिंग जांच के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए विशेष टीम बना कर औचक निरीक्षण करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की है कि निरीक्षण के लिए गठित टीम को भी उनके प्रस्थान के अंतिम समय तक यह जानकारी नहीं दी जाएगी कि उन्हें किस स्थान और किस अल्ट्रासाउंड केंद्र का निरीक्षण करना है।

पूरी प्रक्रिया को अत्यंत गोपनीय रखा जाएगा ताकि कोई भी संदिग्ध केंद्र सतर्क न हो सके। इस योजना के तहत अवैध लिंग जांच करने वाले गिरोह या डॉक्टरों को पकड़वाने के लिए कुल एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। इसके अंतर्गत सही सूचना देने वाले मुखबिर को 40 हजार रुपये, डिकॉय ऑपरेशन में सहयोग करने वाली गर्भवती महिला को 40 हजार रुपये और उनके सहयोगी को 20 हजार रुपये की राशि दी जाती है।

बैठक में राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के अवर सचिव सहित विभागों के प्रतिनिधि, चिकित्सा विशेषज्ञ, पीसीपीएनडीटी की राज्य समन्वयक रफत फरजाना, विभिन्न एनजीओ के प्रतिनिधि और राज्य एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

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