आभा से सुरक्षित होंगे मरीजों के डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड

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आभा से सुरक्षित होंगे मरीजों के डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड


रांची, 03 सितंबर (हि.स.)।

डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इसके माध्यम से नागरिक अपने जांच रिपोर्ट, डॉक्टर की पर्ची, टीकाकरण सहित अन्य स्वास्थ्य दस्तावेजों को डिजिटल रूप से सुरक्षित रख सकते हैं। यह बातें सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से गुरूवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई। जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि झारखंड स्वास्थ्य विभाग की ओर से डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए एचएमआईएस, एनएचएम, आरसीएच और ई-शुश्रुत जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में भी आभा आधारित रिकॉर्ड स्वास्थ्यकर्मियों को उपचार के दौरान मरीज की पिछली स्वास्थ्य स्थिति समझने में मदद कर सकते हैं।

इससे रांची सहित झारखंड में पेपरलेस और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि आभा के तहत प्रत्येक व्यक्ति को 14 अंकों की विशिष्ट डिजिटल हेल्थ आईडी मिलती है। इससे अलग-अलग स्वास्थ्य संस्थानों में तैयार मेडिकल रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से लिंक किया जा सकता है। इससे मरीजों को हर बार पुराने कागजी रिकॉर्ड लेकर अस्पताल जाने की परेशानी कम हो सकती है।

पुरानी जांच रिपोर्ट और उपचार संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं होने से चिकित्सकों को मरीज की पिछली स्वास्थ्य स्थिति समझने में कठिनाई होती है। आभा से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड इस समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं। मरीज की अनुमति के आधार पर संबंधित रिकॉर्ड चिकित्सक या स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के साथ साझा किए जा सकते हैं। डिजिटल रिकॉर्ड साझा करने में मरीज की सहमति को महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। मरीज तय कर सकता है कि उसका स्वास्थ्य रिकॉर्ड किस स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के साथ साझा किया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

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