उपकारा में जेल अदालत में 32 मामलों का निपटारा
रामगढ़, 30 मई (हि.स.)। न्याय को सरल, सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रामगढ़ के तत्वावधान में शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में लोक अदालत का आयोजन किया गया।
इस दौरान विभिन्न श्रेणी के कुल 32 मामलों का सौहार्दपूर्ण वातावरण में निपटारा किया गया। वहीं उपकारा रामगढ़ में जेल अदालत सह मेडिकल कैंप का आयोजन कर बंदियों की समस्याएं सुनी गईं और उनके स्वास्थ्य की जांच भी की गई।
झालसा के निर्देश पर आयोजित इस लोक अदालत का संचालन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष मो तौफिकुल हसन के मार्गदर्शन में किया गया। लोक अदालत में पारिवारिक विवाद, विद्युत अधिनियम से संबंधित मामले, भूमि अधिग्रहण, बैंक एवं बीमा विवाद, राजस्व मामले, चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना दावा और अन्य दीवानी एवं आपराधिक मामलों का निपटारा किया गया।
लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि मामलों का निपटारा आपसी सहमति और समझौते के आधार पर किया गया। इससे न केवल पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिला, बल्कि समय, धन और न्यायिक संसाधनों की भी बचत हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि लोक अदालतें न्यायिक व्यवस्था पर बढ़ते बोझ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मामलों के निष्पादन के लिए चार अलग-अलग न्यायिक पीठों का गठन किया गया था। इन पीठों में न्यायिक पदाधिकारियों के साथ पैनल अधिवक्ताओं को भी शामिल किया गया, जिन्होंने विभिन्न श्रेणी के मामलों का सुनवाई कर समाधान कराया।
इधर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने उपकारा रामगढ़ में जेल अदालत का आयोजन किया। इस दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ राम और सहायक अधिवक्ता अभिनव कुमार ने बंदियों से मुलाकात कर उनकी कानूनी समस्याओं की जानकारी ली और आवश्यक सहायता का भरोसा दिया।
जेल परिसर में आयोजित मेडिकल कैंप में चिकित्सक डॉ रविंद्र लाल ने बंदियों के स्वास्थ्य की जांच की। इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य बंदियों को कानूनी सहायता के साथ-साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार ने आम जनता से लोक अदालत का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था लोगों को त्वरित, सरल और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है, जिससे दोनों पक्षों को संतोषजनक समाधान प्राप्त होता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

