संविधान हत्या दिवस पर 15 लोकतंत्र सेनानियों को किया गया सम्मानित

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संविधान हत्या दिवस पर 15 लोकतंत्र सेनानियों को किया गया सम्मानित


संविधान हत्या दिवस पर 15 लोकतंत्र सेनानियों को किया गया सम्मानित


रामगढ़, 25 जून (हि.स.)। रामगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की ओर से गुरुवार को जिला कार्यालय में आपातकाल (1975-1977) के 51 वें वर्ष पर संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर 15 लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बावला ने की। कार्यक्रम में आपातकाल के इतिहास को सबके सामने रखा गया।

इस अवसर पर इमुख्य अतिथि बड़कागांव विधायक रौशन लाल चौधरी ने कहा कि 25 जून 1975 की रात काे तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल थोपकर प्रेस, न्यायपालिका और नागरिक अधिकारों का गला घोंट दिया था। लाखों राष्ट्रभक्तों को मीसा और डीआईआर में बंद कर दिया गया।

वहीं जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बावला ने कांग्रेस पार्टी को लोकतंत्र का हत्यारा बताया। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने 19 महीने तक देश को जेलखाना बना दिया, आज वही संविधान की दुहाई देती है। हमारे जिले के 15 लोकतंत्र सेनानियों ने जेल की यातनाएं सहकर लोकतंत्र को बचाया। डॉ मुखर्जी के कश्मीर बलिदान से लेकर आपातकाल तक, कांग्रेस ने हमेशा राष्ट्र की एकता से समझौता किया।

डॉ संजय प्रसाद सिंह ने कहा कि नई पीढ़ी को बताना जरूरी है कि कांग्रेस ने कैसे संविधान की मूल भावना से खिलवाड़ किया। उन्होंने राजनारायण और जयप्रकाश नारायण की चर्चा करते हुए कहा कि इंदिरा सरकार इनसे भयभीत हो कर इन्हें यातना देकर मारने का आदेश दिया था।

वहीं मुख्य अतिथि और जिला प्रभारी ने आपातकाल में जेल गए सभी 15 आंदोलनकारियों को अंगवस्त्र, शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री जगेश्वर प्रजापति ने किया।

कार्यक्रम में पूर्व जिला अध्यक्ष और जेपी आंदोलनकारी नेता चंद्रशेखर चौधरी ने जेल में बिताए आपबीती को सुनाया।

इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मी देवी, रमेश करमाली, रीति श्रीवास्तव, अशोक कुमार सोनी, सुनील प्रसाद, मनोज कुमार महतो, राजीव पामदत्त, मणिशंकर ठाकुर, विनोद प्रसाद,जितेन्द्र साहू ,निरंजन कुमार, रंजीत राम, शैलेन्द्र कुमार सहित अन्य लोग शामिल थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

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