लेबर कोड में प्रस्तावित बदलाव श्रमिकों की सुरक्षा को कर सकता है कमजोर : यूनियन
रांची, 29 नवंबर (हि.स.)। हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारी और सदस्यों ने शनिवार को धुर्वा में आयोजिक बैठक में नए लेबर कोड संशोधनों पर कड़ी आपत्ति जताई है। यूनियन ने कहा है कि लेबर कोड में प्रस्तावित बदलाव श्रमिकों की सुरक्षा, अधिकारों और संगठनात्मक स्वतंत्रता को कमजोर कर सकता है।
मौके पर यूनियन के महामंत्री लीलाधर सिंह ने कहा कि श्रमिक समुदाय वर्षों से बेहतर कार्य-स्थितियों और मजबूत सामाजिक सुरक्षा की उम्मीद करता आ रहा है। लेकिन मौजूदा संशोधन इसके विपरीत दिशा में जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सुधारों का उद्देश्य श्रमिकों को मजबूत करना होना चाहिए, न कि असुरक्षित करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी नीति परिवर्तन से पहले श्रमिक संगठनों के साथ संवाद जरूरी है, जो इस मामले में नहीं किया गया। यूनियन ने चिंता जताई कि काम के घंटों में बढ़ोतरी, सुरक्षा मानकों में ढील और यूनियन गठन की प्रक्रिया को कठिन बनाना श्रमिकों के हितों पर सीधा असर डाल सकता है।
यूनियन की ओर से कहा गया कि केंद्र सरकार के सामने चार मांगें रखीं इसमें लेबर कोड में सुधारों से पहले पारदर्शी संवाद स्थापित करने की बात कही गई है। साथ ही कहा गया कि सुरक्षा और वेतन प्रावधानों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप करना बेहद जरूरी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

