रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री, जगन्नाथपुर मंदिर को पर्यटन की नई पहचान देने की घोषणा

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रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री, जगन्नाथपुर मंदिर को पर्यटन की नई पहचान देने की घोषणा


रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री, जगन्नाथपुर मंदिर को पर्यटन की नई पहचान देने की घोषणा


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रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री, जगन्नाथपुर मंदिर को पर्यटन की नई पहचान देने की घोषणा


रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री, जगन्नाथपुर मंदिर को पर्यटन की नई पहचान देने की घोषणा


रांची, 16 जुलाई (हि.स.)। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन गुरुवार को राजधानी रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में आयोजित रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए। दोनों ने भगवान श्रीजगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र की विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, खुशहाली और उन्नति की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर रथयात्रा का शुभारंभ किया। पूरे परिसर में जय-जय जगन्नाथ के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बन गया।

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रथयात्रा के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और मंगल का संचार करें। उन्होंने कहा कि रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था, समरसता और लोक-कल्याण की भावना का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व समाज में प्रेम, सद्भाव, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देता है तथा लोगों को एक-दूसरे के प्रति सहयोग और भाईचारे की भावना से जोड़ता है।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जगन्नाथपुर मंदिर झारखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। राज्य सरकार इस ऐतिहासिक मंदिर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने घोषणा की कि जगन्नाथपुर मंदिर को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में और मजबूती से स्थापित किया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहां की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर की दूर से ही स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करने के लिए मंदिर तक जाने वाली सड़क पर एक भव्य तोरणद्वार का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह तोरणद्वार मंदिर की भव्यता को और अधिक आकर्षक बनाएगा तथा श्रद्धालुओं के लिए एक नई पहचान स्थापित करेगा। साथ ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में भी सरकार कार्य करेगी।

हेमन्त सोरेन ने कहा कि रथयात्रा महोत्सव का श्रद्धालु पूरे वर्ष इंतजार करते हैं और आज बड़ी संख्या में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ इस आयोजन की लोकप्रियता और मंदिर की दिव्यता का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में रथयात्रा मेला और अधिक भव्य, सुव्यवस्थित तथा प्रभावी स्वरूप में आयोजित किया जाएगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

रथयात्रा के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री के साथ हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के जयकारे लगाए और पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ रथ खींचने में भाग लिया। मंदिर परिसर भक्ति, आस्था और उत्सव के रंग में सराबोर नजर आया। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र के दर्शन कर राज्य और देश की सुख-समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। रथयात्रा महोत्सव शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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