उपायुक्त ने सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का किया औचक निरीक्षण, मरीजों से लिया फीडबैक

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उपायुक्त ने सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का किया औचक निरीक्षण, मरीजों से लिया फीडबैक


उपायुक्त ने सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का किया औचक निरीक्षण, मरीजों से लिया फीडबैक


उपायुक्त ने सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का किया औचक निरीक्षण, मरीजों से लिया फीडबैक


चाईबासा, 09 जुलाई(हि.स.)। पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने गुरुवार को सदर अस्पताल, चाईबासा के इमरजेंसी वार्ड का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर उपचार,दवा उपलब्धता और अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक लिया। निरीक्षण में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, प्रशिक्षु आईएएस ईरा जोरवाल, सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी, अस्पताल के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने इमरजेंसी वार्ड में मरीजों के उपचार, दवा उपलब्धता, चिकित्सकीय उपकरणों की कार्यशीलता, साफ-सफाई, बेड प्रबंधन, नर्सिंग सेवाओं तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से इमरजेंसी सेवाओं के संचालन, मरीजों की संख्या, चिकित्सकों की उपलब्धता और संसाधनों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि आपातकालीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक मरीज को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए।

मनीष कुमार ने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उनकी राय जानी तथा चिकित्सकों को मरीजों के प्रति संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने अस्पताल परिसर की स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था और मरीजों की सुविधा से जुड़े अन्य पहलुओं की भी समीक्षा की। साथ ही निर्देश दिया कि इमरजेंसी वार्ड में आने वाले प्रत्येक मरीज का त्वरित पंजीकरण, आवश्यक जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।

निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने सिविल सर्जन कार्यालय को कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) मद के तहत ए​क हजार मच्छरदानियां उपलब्ध कराईं। उन्होंने बताया कि मलेरिया प्रभावित पश्चिमी सिंहभूम जिले में कुल 10 हजार मच्छरदानियों के वितरण की व्यवस्था की गई है। प्रथम चरण में मिली 1000 मच्छरदानियों का वितरण स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्हित गांवों और जरूरतमंद परिवारों के बीच किया जाएगा।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन मलेरिया और डेंगू की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए जांच, उपचार, जागरूकता, स्रोत नियंत्रण और बचाव संबंधी अभियान लगातार चला रहा है। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने,घर के आसपास जलजमाव नहीं होने देने, साफ-सफाई बनाए रखने तथा बुखार,कपकप्पी, सिरदर्द या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच और उपचार कराने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक

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