साइबर सुरक्षा अब विकल्प नहीं, अनिवार्य : सेठ

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साइबर सुरक्षा अब विकल्प नहीं, अनिवार्य : सेठ


रांची,12 जनवरी (हि.स.)। झारखंड में बढ़ते साइबर खतरों से निपटने और माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज के बीच डिजिटल सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बीएसएनएल झारखंड और साइबरपीस फाउंडेशन ने सोमवार को रांची में नेशनल यूथ एआई साइबर सुरक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि

वर्तमान में झारखंड के एमएसएमई तेजी से डिजिटल हो रहे हैं, लेकिन साइबर सुरक्षा में निवेश की कमी, तकनीकी समझ का अभाव और असुरक्षित नेटवर्क उपयोग के कारण वे रैनसमवेयर, फिशिंग, मैलवेयर और एआई आधारित धोखाधड़ी के आसान शिकार बन रहे हैं।

उन्‍होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र आर्थिक मजबूती की रीढ़ है, लेकिन सीमित संसाधनों और जागरूकता की कमी के कारण साइबर अपराधों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा को लेकर उद्यमियों में जागरूकता लाना बेहद जरूरी है। सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाए बिना एमएसएमई निरंतर बढ़ते खतरों का सामना नहीं कर पाएंगे।

सेठ ने कहा कि रांची में साइबर फ्रॉड बहुत बड़ी समस्या बन चुका है। आम नागरिकों के साथ अब व्यापारी वर्ग भी तेजी से इसका शिकार हो रहा है। साइबर फ्रॉड से जागरूकता और बचाव को लेकर मैंने एक पहल की है। बीएसएनएल और साइबर फ्रॉड से जागरूकता के लिए काम कर रही संस्था साइबर पीस फाउंडेशन अब साथ मिलकर काम करेगी। मेरी इस पहल के माध्यम से व्यापारियों और आम नागरिकों को साइबर फ्रॉड से बचाया जा सकेगा।

ग्रासरूट स्तर पर साइबर जागरूकता जरूरी : मेजर विनीत

साइबरपीस के संस्थापक और ग्लोबल अध्यक्ष मेजर विनीत कुमार ने कहा कि साइबर सुरक्षा का मुद्दा अब केवल तकनीकी नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक जिम्मेदारी बन चुका है। देश के डिजिटल परिवर्तन को सुरक्षित रखने के लिए युवा, एमएसएमई और समुदाय स्तर पर साइबर साक्षरता ही सबसे मजबूत दीवार है। कार्यक्रम में एमएसएमई , युवाओं और व्यापारियों को साइबर फ्रॉड, रैनसमवेयर इंपरसनेशन स्कैम और एआई एनेबल्ड धोखाधड़ी से बचाव की जानकारी दी गई। सुरक्षित नेटवर्क और डिजिटल हाइजीन पर बीएसएनल के सीजीएम बिपुल अग्रवाल का विशेषज्ञ सत्र प्रतिभागियों नेे वास्तविक धोखाधड़ी अनुभव साझा, केस स्टडी चर्चा की। साथ ही डिजिटल संपत्ति सुरक्षा, पहचान प्रबंधन, एआई उपकरणों का सुरक्षित उपयोग और घटना प्रतिक्रिया उपायों पर प्रशिक्षण, सुरक्षा के व्यावहारिक उपायों पर जोर सत्रों में मजबूत पासवर्ड, समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट, सुरक्षित भुगतान सहित सरल लेकिन प्रभावी उपायों पर प्रकाश डाला।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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