मुख्यमंत्री का प्रयास लाया रंग: नाइजर में झारखंड के 05 प्रवासी श्रमिकों के अपहरण के आठ माह बाद हुई सकुशल रिहाई
रांची, 09 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के हस्तक्षेप के बाद दक्षिण अफ्रीका के नाइजर से झारखंड के अपहृत एवं कल्पतरु ट्रांसमिशन लाइन कंपनी में कार्यरत पांच श्रमिकों की सुरक्षित रिहाई हो गई है। राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष सभी श्रमिकों से दूरभाष पर बातचीत कर उनकी वर्तमान स्थिति से अवगत हुआ है। मेडिकल जांच एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद हवाई मार्ग से श्रमिकों को झारखण्ड भेजे जाने की प्रक्रिया की जाएगी।
आदेश के साथ श्रमिकों की रिहाई के प्रयास हुए तेज
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को अप्रैल 2025 को ग्राम-दोन्दलो एवं मुंडरो, थाना-बगोदर, जिला-गिरिडीह के पांच प्रवासी श्रमिक, जो नाइजर में कार्यरत हैं उनका अपहरण कर लिया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को वस्तुस्थिति का पता कर श्रमिकों के सुरक्षित झारखण्ड वापसी कराने का निर्देश दिया। राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं कंट्री हेड, कल्पतरु ट्रांसमिशन लाइन कंपनी से संपर्क कर अद्यतन जानकारी प्राप्त की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी श्रमिक कंपनी साइट से लगभग 25-30 किलोमीटर दूर तेलाबारी क्षेत्र में कार्यरत थे। यह घटना पूर्णतः एक मिलिट्री ऑपरेशन से संबंधित था, जिसमें कुल 26 स्थानीय नागरिकों एवं 12 अन्य देशों के श्रमिकों को बंधक बनाया गया था। इस प्रकरण में कंपनी प्रबंधन, स्थानीय गवर्न कार्यालय, भारतीय राजदूत एवं भारतीय दूतावास सक्रिय रूप से समन्वय कर रहे थे।
राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष की ओर से मामले का सत्यापन करते हुए प्रोटेक्ट ऑफ इमिग्रेंट्स, रांची, भारतीय दूतावास (नियामी, नाइजर) तथा विदेश मंत्रालय, भारत सरकार से तत्काल आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचित किया गया एवं सभी श्रमिकों के सुरक्षित रिहाई एवं स्वदेश वापसी के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई का अनुरोध किय गया था।
हथियारबंद व्यक्तियों द्वारा अपहरण की जानकारी
उक्त सभी श्रमिक कल्पतरु ट्रांसमिशन लाइन कंपनी के अंतर्गत केपीटीसी प्रोजेक्ट, नाइजर, दक्षिण अफ्रीकी में कार्यरत थे। 25 अप्रैल 2025 को कुछ हथियारबंद व्यक्तियों की ओर से इन श्रमिकों का अपहरण कर लिया गया, जिसके पश्चात उनका कोई पता नहीं चल सका। इस घटना को लेकर श्रमिकों के परिजनों की ओर से गहरी चिंता व्यक्त की गई थी।
आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से लाभान्वित किया गया
मुख्यमंत्री के आदेश पर गिरिडीह जिला प्रशासन की ओर से श्रमिकों के आश्रितों को विभिन्न विभागीय सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से आच्छादित किया गया, जिनमें लेबर कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, पशुपालन योजना, आवास योजना, उज्ज्वला योजना, मनरेगा जॉब कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन शौचालय, पेंशन योजना, नल-जल योजना कनेक्शन, ई-श्रम पंजीकरण, बिरसा हरित ग्राम योजना, जेएसपीएल योजना एवं मईया सम्मान योजना शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

